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पंजाब: जिस बेटे का कर चुके थे अंतिम संस्कार, 15 दिन बाद जेल में जिंदा मिला

कपूरथला, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के कपूरथला से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिस बेटे को मृत समझकर परिवार उसका अंतिम संस्कार कर चुका था और उसकी आत्मिक शांति के लिए भोग (अंतिम अरदास) भी डाल चुका था। वह करीब 15 दिन बाद केंद्रीय जेल में जिंदा मिला है।
 

कपूरथला, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के कपूरथला से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिस बेटे को मृत समझकर परिवार उसका अंतिम संस्कार कर चुका था और उसकी आत्मिक शांति के लिए भोग (अंतिम अरदास) भी डाल चुका था। वह करीब 15 दिन बाद केंद्रीय जेल में जिंदा मिला है।

जेल प्रशासन से फोन आने के बाद जब परिजनों ने वहां जाकर अपने बेटे को देखा, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव कादूपुर निवासी रघबीर सिंह (टीटी) और उनके बेटे अमनदीप कुमार ने बताया कि उनका 24 वर्षीय बेटा रवि कुमार 5 अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो वे 11 अगस्त को थाना सिटी कपूरथला में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे।

इसी दौरान पुलिस ने परिवार को बताया कि उन्हें कांजली रोड पर एक ट्रेनिंग सेंटर के पास एक अज्ञात नौजवान का क्षत-विक्षत शव मिला है। पुलिस ने शव की तस्वीरें परिवार को दिखाईं। शव की हालत काफी खराब होने के कारण परिजनों और रिश्तेदारों को लगा कि यह रवि ही है। परिवार ने शव का दावा किया और 13 अगस्त को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद 15 अगस्त को रवि की आत्मिक शांति के लिए भोग भी डाल दिया गया।

मामले में असली मोड़ तब आया जब 2 सितंबर को परिवार को केंद्रीय जेल कपूरथला के एक कर्मचारी का फोन आया। फोन पर बताया गया कि रवि कुमार नाम का एक युवक जेल में बंद है, जिसे करीब एक महीना पहले जालंधर पुलिस ने आवारागर्दी के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह खबर सुनते ही पहले तो परिवार के होश उड़ गए, लेकिन अगले ही दिन जब वे जेल पहुंचे और रवि को अपने सामने जिंदा देखा, तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी