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पंजाब: गलत और बढ़े हुए बिजली बिलों पर सरकार का फैसला, बिलिंग सिस्टम ठीक होने तक नहीं काटे जाएंगे कनेक्शन

चंडीगढ़, 28 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में गलत और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। बिलिंग से जुड़ी समस्याओं को देखते हुए बकाया बिल के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया गया है।
 

चंडीगढ़, 28 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में गलत और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। बिलिंग से जुड़ी समस्याओं को देखते हुए बकाया बिल के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया गया है।

इस संबंध में जारी निर्देश के मुताबिक, हाल के दिनों में मीटर रीडरों की हड़ताल और एसएपी/नॉन-एसएपी सिस्टम को ओरेकल आधारित एसबीएस सिस्टम में बदलने की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत या अनुमानित आधार पर तैयार किए गए हैं।

इसके चलते कुछ उपभोक्ताओं को गलत या वास्तविक खपत से ज्यादा राशि के बिजली बिल मिले हैं। इस संबंध में फील्ड कार्यालयों में बड़ी संख्या में शिकायतें भी पहुंच रही हैं।

निर्देश में कहा गया है कि गलत या बढ़े हुए बिलों की राशि सिस्टम में बकाया के रूप में दिखाई दे रही है। इसके कारण संबंधित उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर मानते हुए उनके बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू हो रही थी।

इस स्थिति से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही थी। खास तौर पर ऐसे मामलों में परेशानी ज्यादा थी, जहां बकाया राशि वास्तविक बिजली खपत के बजाय गलत बिलिंग के कारण दिखाई दे रही थी।

इसे देखते हुए फैसला लिया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल के भुगतान में डिफॉल्ट के आधार पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से स्थगित रखी जाए।

यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक एसबीएस बिलिंग सिस्टम स्थिर नहीं हो जाता और गलत या बढ़े हुए बिजली बिलों को ठीक नहीं कर दिया जाता।

फील्ड कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनके बिल तकनीकी या बिलिंग संबंधी समस्या के कारण गलत या बढ़ी हुई राशि के साथ जारी हुए हैं।

यह निर्देश उन नागरिकों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें गलती से अधिक बिल भेज दिया गया था और ना भरने की स्थिति में डिफॉल्टर घोषित कर कनेक्शन काटे जाने की संभावना बनी हुई थी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी