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पंजाब-चंडीगढ़ में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रॉयल एस्टेट ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली, 26 मई ( आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, रॉयल एस्टेट ग्रुप और उनसे जुड़े लोगों व संस्थाओं के खिलाफ की गई। छापेमारी में जीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर मौजूद रॉयल एस्टेट ग्रुप का मुख्य कार्यालय भी शामिल रहा।
 
पंजाब-चंडीगढ़ में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रॉयल एस्टेट ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली, 26 मई ( आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, रॉयल एस्टेट ग्रुप और उनसे जुड़े लोगों व संस्थाओं के खिलाफ की गई। छापेमारी में जीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर मौजूद रॉयल एस्टेट ग्रुप का मुख्य कार्यालय भी शामिल रहा।

ईडी ने यह जांच पंजाब पुलिस के एसएएस नगर थाने में 19 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह मामला सीआरसीपीएल के निदेशकों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत दर्ज किया गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला जीएमएडीए को देय रकम का जानबूझकर भुगतान न करने और करोड़ों रुपए के बाउंस चेक से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एसएएस नगर, पंजाब के कराला गांव में विकसित की जा रही एक आवासीय कॉलोनी परियोजना के दौरान कंपनी ने लगभग 32.67 करोड़ रुपए के चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए।

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया कि सीआरसीपीएल पर जीएमएडीए की बड़ी देनदारियां बकाया थीं। इसके बावजूद परियोजना से जुड़े फंड को कथित तौर पर दूसरी कंपनियों और संबंधित पक्षों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया गया। जांच में कई संदिग्ध अंतर-कंपनी लेनदेन भी सामने आए हैं।

ईडी को शक है कि रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से पैसों को घुमाकर उनकी असली जानकारी छिपाने की कोशिश की गई। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि परियोजना के पैसों का इस्तेमाल कहां और किन लोगों के जरिए किया गया।

छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाए गए हैं। ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी