पंजाब: भीषण गर्मी को देखते हुए सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के समय में बदलाव, कर्मचारियों-छात्रों को मिलेगी राहत
चंडीगढ़, 25 मई (आईएएनएस)। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। सरकार के नए आदेश के तहत आज से सभी सरकारी दफ्तर और कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगी। यह फैसला लोगों को हीटवेव से राहत देने और बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार के इस फैसले का कर्मचारियों और आम लोगों ने स्वागत किया है। एक सरकारी कर्मचारी ने कहा कि सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि बढ़ती गर्मी के चलते एयर कंडीशनर का इस्तेमाल बढ़ जाता है, जिससे बिजली की खपत भी अधिक होती है। उन्होंने कहा कि समय में बदलाव से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और बिजली की बचत भी होगी।
एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले साल भी इसी तरह का फैसला लिया था और इस बार भी यह निर्णय लोगों के हित में है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि समय में बदलाव करना बेहतर कदम है और इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
मोहाली की डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने बताया कि हीटवेव को देखते हुए पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों और सेवा केंद्रों के समय में बदलाव करते हुए उसे सुबह 7:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के अनुसार यह कदम लोगों की सेहत और बिजली बचत को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हीट वेव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही बिजली की भी बचत होगी, क्योंकि एसी का उपयोग कम होगा। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अमृतसर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर रूपिंदर पाल सिंह ने भी सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसे में लिया गया यह फैसला काफी अहम है। उन्होंने कहा कि डेढ़ बजे के बाद बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है, इसलिए सभी कर्मचारियों और लोगों को समय पर कार्यालय पहुंचना चाहिए।
वहीं, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर दफ्तर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने अच्छा फैसला लिया है और सभी लोग इसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों और आम जनता दोनों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
--आईएएनएस
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