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पुणे का गणेश उत्सव हमारी संस्कृति और 134 साल पुरानी परंपरा: मुरलीधर मोहोल

पुणे, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुणे के 134 साल पुराने गणेश उत्सव के शांतिपूर्ण और भक्तिमय माहौल में संपन्न होने पर पुणेकरों और गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुणे का गणेश उत्सव केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होने और भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए पुणे पहुंचते हैं।
 

पुणे, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुणे के 134 साल पुराने गणेश उत्सव के शांतिपूर्ण और भक्तिमय माहौल में संपन्न होने पर पुणेकरों और गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुणे का गणेश उत्सव केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस उत्सव में शामिल होने और भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए पुणे पहुंचते हैं।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि गणेश उत्सव पुणे की संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह हमारी 134 साल पुरानी परंपरा है और पुणे की संस्कृति का हिस्सा है। एक गणेश मंडल के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं पुणे की जनता और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। पिछले 10 दिनों में पुणे का गणेश उत्सव बहुत अच्छे ढंग से और भक्तिमय वातावरण में आयोजित हुआ।

उन्होंने कहा कि इस उत्सव में पुणे के लोगों की बड़ी भागीदारी रहती है और इसी सहभागिता के कारण गणेश उत्सव की परंपरा लगातार समृद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले दिन होने वाले गणेश विसर्जन की भी अपनी अलग और ऐतिहासिक परंपरा है। विसर्जन के दौरान शहर में होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अपना विशेष महत्व है।

मोहोल ने बताया कि पुणे के विधायक हेमंत रासने ने गणेश उत्सव को महाराष्ट्र के राज्य उत्सव का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के गणेश उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा दिया है। उन्होंने इसे पुणे की संस्कृति और परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि इसी परंपरा और उत्सव के प्रतीक के तौर पर कार्यक्रम स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। मोहोल ने इस पहल के लिए विधायक हेमंत रासने का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुणे के गणेश उत्सव को और अधिक समृद्ध बनाने में गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं और पुणेकरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

मोहोल ने कहा कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे की स्थिति के कारण किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान पुणे की जनता की ओर से भगवान गणेश से प्रार्थना की गई कि किसानों की परेशानियां दूर हों और उन्हें संकट से राहत मिले।

उन्होंने कहा कि पुणे का गणेश उत्सव आस्था, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। सभी पुणेकरों और गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं के सहयोग से इस वर्ष भी उत्सव भक्तिमय और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उन्होंने सभी नागरिकों से भविष्य में भी इसी तरह उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की।

--आईएएनएस

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