प्रीति डिमरी: मां का सपना साकार करने के लिए बनीं क्रिकेटर, उतार-चढ़ाव से भरा रहा इंटरनेशनल करियर
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पूर्व क्रिकेटर प्रीति डिमरी का इंटरनेशनल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। अपनी मां का सपना साकार करने के लिए क्रिकेटर बनीं प्रीति ने इंग्लैंड की धरती पर बतौर स्पिन अपने टेस्ट डेब्यू में छाप छोड़ी। हालांकि, वह टीम से लगातार अंदर-बाहर होती रहीं।
प्रीति डिमरी का जन्म 18 अक्टूबर 1986 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ। प्रीति की मां का खेलों के प्रति खास लगाव था और वह उन्हें क्रिकेटर बनाना चाहती थीं। प्रीति की मां ने उन्हें सिर्फ 5 साल की उम्र में ही क्रिकेट अकादमी में डाल दिया। एकलव्य मैदान से प्रीति का क्रिकेटर बनने का सफर शुरू हुआ। प्रीति ने अपनी सीनियर खिलाड़ी दयालन हेमलता के कहने पर स्पिन गेंदबाज बनने का फैसला किया। शुरुआत में प्रीति ने कुछ समय तेज गेंदबाजी भी की जिससे उनके कंधे मजबूत हो सकें।
प्रीति ने महज 12 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश की सीनियर टीम के लिए अपना पहला मैच खेला। केरल के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में प्रीति अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ने में भी सफल रहीं और उन्होंने 5 विकेट चटकाए। इसके बाद उनका सिलेक्शन चैलेंजर ट्रॉफी के लिए भी हुआ। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बूते प्रीति का सिलेक्शन जल्द ही भारतीय टीम के सीनियर कैंप में हुआ, जहां उन्होंने भारत-ए टीम की ओर से खेलते हुए अपने प्रदर्शन से हर किसी को प्रभावित किया।
प्रीति ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू साल 2006 में आयरलैंड के खिलाफ किया। इस मुकाबले में 8 ओवर के स्पेल में सिर्फ 18 रन खर्च करते हुए एक विकेट निकाला। हालांकि, इसी साल उनका टेस्ट डेब्यू शानदार रहा। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हीं की सरजमीं पर खेलते हुए प्रीति ने डेब्यू मैच में 5 विकेट चटकाए और अपने दमदार प्रदर्शन से हर किसी का ध्यान खींचा। हालांकि, 2007 के बाद प्रीति टीम से ड्रॉप हो गईं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानीं और 2010 में एक बार फिर भारतीय टीम में वापसी की।
प्रीति ने भारत की महिला टीम के लिए दो टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 5 विकेट निकाले। वहीं, 23 वनडे मुकाबलों में प्रीति ने 28 विकेट चटकाए। 14 रन देकर 3 विकेट प्रीति का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने भारतीय टीम की ओर से एक टी20 मुकाबला भी खेला, जिसमें वह एक विकेट चटकाने में सफल रहीं।
--आईएएनएस
एसएम/पीएम
