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प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात के केसर आम भेंट किए, उत्पादकों में खुशी

वलसाड, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिनों की सफल विदेश यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट गए हैं। इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात के प्रसिद्ध केसर आमों का विशेष उपहार भेंट किया।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात के केसर आम भेंट किए, उत्पादकों में खुशी

वलसाड, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिनों की सफल विदेश यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट गए हैं। इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात के प्रसिद्ध केसर आमों का विशेष उपहार भेंट किया।

उनके इस कदम से वलसाड जिले समेत पूरे गुजरात के आम उत्पादकों में उत्साह का माहौल है। वलसाड पहले से ही हापुस आम के निर्यात के लिए विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन केसर आम को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है।

किसानों का कहना है कि यह उपहार न केवल दोनों देशों के बीच मधुर संबंधों का प्रतीक बना, बल्कि गुजरात के किसानों के लिए भी खुशी और उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। केसर आम गुजरात की कृषि धरोहर का गौरव है। यह आम अपनी अनुपम मिठास, मनमोहक सुगंध, सुनहरे रंग और लंबी शेल्फ लाइफ के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय है।

किसान राजेश पटेल ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, "प्रधानमंत्री मोदी ने जो उपहार दिया है, वह सिर्फ फल नहीं बल्कि हमारी मेहनत और गुजरात की मिट्टी की खुशबू है। अब हम उम्मीद करते हैं कि यूएई और अन्य खाड़ी देशों में केसर आम की मांग बढ़ेगी।"

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस खबर की व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे गुजरात के कृषि उत्पादों को ग्लोबल ब्रांडिंग मिलेगी।

किसान धर्मेंद्र सिंह चौहान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "भारत में आम की 1,000 से अधिक किस्में हैं, लेकिन केसर आम अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण जीआई टैग प्राप्त किस्मों में शामिल है। यह फल न केवल स्वादिष्ट है बल्कि पोषण से भी भरपूर होता है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार विदेशी दौरों में भारत के पारंपरिक उत्पादों, जीआई टैग वाली वस्तुओं और स्थानीय कृषि विरासत को दुनिया के सामने रख रहे हैं। यह ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का हिस्सा है।"

उन्होंने कहा कि किसानों का मानना है कि ऐसे उपहारों से भारतीय कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलता है। वर्तमान में भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, लेकिन निर्यात के मामले में अभी काफी गुंजाइश है। केसर आम के बेहतर विपणन से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। इस उपहार को भारतीय संस्कृति, मेहमाननवाजी और कृषि समृद्धि का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल कूटनीतिक सफलता है बल्कि देश के लाखों आम उत्पादकों के लिए प्रेरणादायक भी है। किसान अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही गुजरात का केसर आम दुबई, अबू धाबी और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मिठास बिखेरने लगेगा।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम