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पोस्ट ऑफिस स्कीम क्या होती है? देश में कौन-कौन-सी योजनाएं दे रहीं ज्यादा ब्याज

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मौजूदा समय में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश की बात आए तो पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पोस्ट ऑफिस स्कीम्स भारत सरकार संचालित करती है, इसलिए इन्हें देश के सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को नियमित बचत, सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न उपलब्ध कराना है।
 
पोस्ट ऑफिस स्कीम क्या होती है? देश में कौन-कौन-सी योजनाएं दे रहीं ज्यादा ब्याज

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मौजूदा समय में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश की बात आए तो पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पोस्ट ऑफिस स्कीम्स भारत सरकार संचालित करती है, इसलिए इन्हें देश के सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को नियमित बचत, सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न उपलब्ध कराना है।

पोस्ट ऑफिस की योजनाएं खास तौर पर उन निवेशकों के लिए उपयोगी मानी जाती हैं, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और अपने पैसों पर स्थिर ब्याज की उम्मीद रखते हैं। इन स्कीम्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें जमा की गई राशि पर सरकार की पूरी गारंटी होती है। इनमें निवेश की न्यूनतम राशि कम रखी गई है, जिससे छोटे निवेशक भी आसानी से अपनी बचत की शुरुआत कर सकते हैं। गांव से लेकर शहरों तक पोस्ट ऑफिस की मजबूत पहुंच इन योजनाओं को और ज्यादा लोकप्रिय बनाती है।

अगर पोस्ट ऑफिस स्कीम्स के ब्याज दरों की बात करें तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) सबसे ऊपर आती है, जिसमें 8.2 प्रतिशत ब्याज मिलता है। यह स्कीम 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए है। इसमें न्यूनतम एक हजार रुपए और अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। इसकी अवधि पांच वर्ष होती है और तिमाही आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है, जिससे सेवानिवृत्त लोगों को नियमित आय का सहारा मिलता है।

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भी 8.2 प्रतिशत ब्याज दर के साथ टॉप पर है। यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। लड़की के जन्म के बाद दस वर्ष की आयु तक उसका खाता खोला जा सकता है। इसमें सालाना न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम डेढ़ लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। 21 वर्ष की लॉक-इन अवधि के बाद मिलने वाली परिपक्वता राशि पूरी तरह टैक्स मुक्त होती है, जो शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों में सहायक बनती है।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जो एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं। इसमें 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और पांच साल में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलता है। न्यूनतम निवेश एक हजार रुपए से शुरू होता है और अधिकतम लिमिट तय नहीं है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स में छूट का लाभ भी मिलता है।

किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना में 7.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है, जिसमें लगभग 115 महीनों यानी करीब साढ़े नौ वर्षों में निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाती है। इस योजना में भी न्यूनतम निवेश एक हजार रुपए है और अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है। वहीं, मासिक आय योजना 7.4 प्रतिशत ब्याज प्रदान करती है, जिसमें हर महीने तय आय मिलती है। इसमें एकल खाते में नौ लाख रुपए और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है, जिसकी अवधि पांच वर्ष होती है।

अन्य योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) की वर्तमान ब्याज दर 7.1 प्रतिशत प्रति वर्ष है, जो सरकार द्वारा निर्धारित है और हर तिमाही में संशोधित हो सकती है। इसका मिनिमम लॉक-इन पीरियड 15 वर्ष का होता है, हालांकि पहले निकलने के ऑप्शन भी हैं। एक बार 15 साल पूरा होने पर इसे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है, लेकिन उससे ज्यादा नहीं। यह योजना कर के मामले में पूरी तरह छूट यानी ईईई श्रेणी में आती है। इसके अलावा, पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना 6.7 प्रतिशत ब्याज के साथ मासिक बचत का विकल्प देती है, जबकि टाइम डिपॉजिट योजना में एक वर्ष से पांच वर्ष तक की अवधि के लिए 6.9 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है।

इन योजनाओं में निवेश के लिए पात्रता बेहद सरल है। कोई भी भारतीय नागरिक पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश कर सकता है, हालांकि सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और सुकन्या समृद्धि योजना कुछ विशेष वर्गों के लिए आरक्षित हैं।

अकाउंट डाकघर या इंडिया पोस्ट के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खोला जा सकता है, जिसमें आधार और पैन जैसे केवाईसी दस्तावेज जरूरी होते हैं। समय से पहले पैसा निकालने पर कुछ मामलों में जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन आयकर की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपए तक टैक्स छूट का लाभ मिलता है।

कुल मिलाकर, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सुरक्षित निवेश और स्थिर रिटर्न चाहने वालों के लिए मजबूत विकल्प साबित होती हैं। महंगाई के दौर में ये योजनाएं आम लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। हालांकि, इन योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा होती रहती है, इसलिए निवेश से पहले नवीनतम दरों की जानकारी रखना जरूरी है।

--आईएएनएस

डीबीपी/एबीएम