पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया
मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पूर्व ओपनर पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान किया। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे करियर का समापन हो गया। 37 वर्षीय पूनम आखिरी बार साल 2021 में भारत के लिए खेली थीं।
गुरुवार को अपने 'इंस्टाग्राम' अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए पूनम ने लिखा, "काफी सोच-विचार के बाद, मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर रहा है – इसने मेरे व्यक्तित्व को गढ़ा है, मुझे विपरीत परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया है। मुझे ऐसी यादें दी हैं जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखूंगी। जब भी मैंने भारत की जर्सी पहनी, तो मैंने इसे बहुत गर्व और कृतज्ञता के साथ पहना।"
मुंबई की रहने वाली पूनम ने मार्च 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया। उन्होंने अपने वनडे करियर के 73 मुकाबलों में 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए। इसमें तीन शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, 35 टी20 मुकाबलों में उनके नाम 719 रन बनाए। पूनम ने भारत के लिए 4 टेस्ट मुकाबलों में कुल 264 रन जोड़े। पूनम उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं जो इंग्लैंड में हुए वनडे वर्ल्ड कप 2017 में उपविजेता रही। वह अपने करियर में तीन वनडे वर्ल्ड कप और चार टी20 वर्ल्ड कप में खेलीं।
पूनम ने कहा, "आईसीसी विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2017 हमेशा मेरे करियर के सबसे अहम पलों में से एक रहेगा। भले ही हम ट्रॉफी जीतने से चूक गईं, लेकिन उस टूर्नामेंट ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी। इसने युवा लड़कियों की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया और हमारे खेल का भविष्य बदल दिया। मुझे हमेशा इस बात पर गर्व रहेगा कि मैं उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थी। मैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे सबसे ऊंचे स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया। भारत की जर्सी पहनना एक ऐसा सपना था जो सच हुआ, और मुझे जो भरोसा और समर्थन मिला, उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।"
उन्होंने कहा, "शुरुआती दिनों में मुझ पर भरोसा जताने के लिए, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का भी तहे दिल से शुक्रिया। वहां मुझे जो मौके और मार्गदर्शन मिले, उन्होंने ही मेरे क्रिकेट सफर की नींव रखी। मैं भारतीय रेलवे—जो मेरे दूसरे परिवार की तरहहै—उसका दिल से आभार, जिन्होंने मेरे पूरे करियर में मेरा साथ दिया। रेलवे ने मुझे एक मजबूत और अनुशासित क्रिकेटर के रूप में ढाला है। मैं उनके अटूट समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।"
पूनम राउत ने पूर्व कप्तान मिताली राज का विशेष रूप से जिक्र किया, जिनकी कप्तानी में वह भारत और रेलवे दोनों के लिए खेली थीं। उन्होंने कहा, "मिताली राज को विशेष धन्यवाद। आपकी कप्तानी में भारत और रेलवे दोनों के लिए खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। आपका नेतृत्व और खेल के प्रति आपका समर्पण हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। मेरे सभी कोचों को धन्यवाद, जिन्होंने उतार-चढ़ाव के हर दौर में मुझ पर भरोसा बनाए रखा। मेरी हर उस साथी खिलाड़ी को, जिसके साथ मैंने ड्रेसिंग रूम साझा किया—हमारी दोस्ती, हंसी-मजाक, चुनौतियों और उन कभी न भूलने वाली यादों के लिए धन्यवाद। आप जैसे शानदार लोगों के साथ इस सफर को तय करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है।"
अपनी बात समाप्त करते हुए, पूनम ने कहा कि वह खेल से जुड़ी रहना चाहती हैं, खासकर अब जब उन्होंने कोचिंग सर्टिफिकेशन भी पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा, "इस अध्याय को बंद करते समय, मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। क्रिकेट ने मुझे जीवन भर के लिए दोस्त, अनमोल सीख और ऐसी यादें दी हैं जिन्हें मैं हमेशा संजोकर रखूंगी। हर उस प्रशंसक को धन्यवाद, जिसने मेरी हर सफलता और हर चुनौती के समय मेरा साथ दिया। आपके प्यार और प्रोत्साहन का महत्व शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। भले ही एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में मेरा सफर अब समाप्त हो रहा है, लेकिन खेल के प्रति मेरा प्यार कभी कम नहीं होगा। मैं भविष्य में क्रिकेट के लिए कुछ वापस देना चाहती हूँ और इसके विकास में योगदान देना चाहती हूं। इस अद्भुत सफर का हिस्सा बनने वाले हर व्यक्ति को धन्यवाद। धन्यवाद, क्रिकेट। जय हिंद।"
--आईएएनएस
आरएसजजी
