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पूनम पांडे ने मुंबई पुलिस के अधिकारी को बांधी राखी, कहा-ये परिवार से हटकर रखते हैं हमारा ख्याल

मुंबई, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री पूनम पांडे रक्षाबंधन के मौके पर मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारी की कलाई में राखी बांधी। पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने के बाद अभिनेत्री ने मीडिया से बातचीत में राखी बांधने के पीछे की वजह बताई। साथ ही, अभिनेत्री कृति सेनन के विज्ञापन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
 

मुंबई, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री पूनम पांडे रक्षाबंधन के मौके पर मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारी की कलाई में राखी बांधी। पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने के बाद अभिनेत्री ने मीडिया से बातचीत में राखी बांधने के पीछे की वजह बताई। साथ ही, अभिनेत्री कृति सेनन के विज्ञापन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

अभिनेत्री ने पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में सभी को बधाई देते हुए कहा कि उनके भाई के साथ काफी सालों से बातचीत बंद है। उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं मीडिया समेत पूरे भारतवर्ष को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामानएं। मैं और मेरे भाई काफी सालों से एक दूसरे से बात नहीं करते हैं, तो मुझे उन्हें राखी बांधने का मौका नहीं मिलता है। फिर, मैंने सोचा कि मुंबई पुलिस दिन-रात हमारा इतना ख्याल रखती है।"

अभिनेत्री ने मुंबई के काम की सराहना करते हुए कहा, "ये सोचने वाली बात है कि वे किसी भी त्योहार को कितना ही सेलिब्रेट करते हैं। मेरे भी मन में ख्याल आया और मैं यहां पुलिस अधिकारी को राखी बांधने के लिए आई गई। मुझे सच में बहुत अच्छा लगा कि उन्होंने मुझसे राखी बंधवाई।" एक पत्रकार ने अभिनेत्री से कहा, "पूनम जी एक कहावत है कि पुलिसवालों से न दोस्ती अच्छी और न ही दुश्मनी।"

इसे लेकर अभिनेत्री ने कहा, "देखिए, मैं ये सब बिल्कुल बेबुनियाद बाते मानती हूं। बस फालतू में लोगों ने नाम खराब करके रखा है, जो अपने परिवार से हटकर हमारा ख्याल रखते हैं और जिन्हें अपने परिवार से मिलने का कम मौका मिलता है। उन्हें तो हम इस तरह से सपोर्ट तो कर ही सकते हैं। उनको प्यार तो कर सकते हैं इज्जत दे सकते है। मैं सभी से कहूंगी की कृप्या करके ये सारी बातें मत बोलिए अगर ये हैं तभी हम हैं अगर ये नहीं तो देखिए क्राइम रेट कितने बढ़ जाएंगे।"

कृति सेनन विवाद को लेकर उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर सब अपनी टिप्पणियां करते हैं इसे साइड में रखना ही बेहतर होगा।"

उन्होंने रक्षाबंधन के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि इसकी शुरुआत द्रोपदी और कृष्णा ने की थी। उन्होंने कहा, "एक बार भगवान कृष्ण का हाथ कट गया था और द्रोपदी ने झट से अपना दुपट्टा फाड़ा और तुरंत उनके हाथ में बांध दिया, तब से दोनों के बीच अहम रिश्ता बन गया और भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेने लगे।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम