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पीएनबी धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, ईडी ने मध्य प्रदेश में 4 करोड़ रुपए की कृषि संपत्तियां जब्त कीं

इंदौर, 25 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जब्त की गई इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।
 
पीएनबी धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, ईडी ने मध्य प्रदेश में 4 करोड़ रुपए की कृषि संपत्तियां जब्त कीं

इंदौर, 25 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जब्त की गई इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

यह कार्रवाई धार स्थित नर्मदा शीत गृह के मालिक राम पाटीदार से जुड़े एक बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई है। ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों में स्थित कृषि भूमि हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध धन से अर्जित किया गया था।

ईडी ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), जबलपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत राम पाटीदार और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। आरोप है कि इन लोगों ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

जांच के दौरान ईडी को पता चला कि राम पाटीदार ने नर्मदा शीत गृह के नाम पर कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निर्माण के लिए पंजाब नेशनल बैंक से 3.50 करोड़ रुपए का टर्म लोन लिया था। हालांकि, इस ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, बल्कि इसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। ये खाते सीधे तौर पर राम पाटीदार के नियंत्रण में थे या उनसे जुड़े व्यक्तियों के थे। इसके अलावा, इस राशि का कुछ हिस्सा परमानंद पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, मिथुन डावर और अन्य संबंधित लोगों के खातों में भी भेजा गया।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इन अवैध लेनदेन के कारण पंजाब नेशनल बैंक को लगभग 3.36 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों ने इस प्रक्रिया के जरिए अनुचित लाभ अर्जित किया। एजेंसी का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आती है, जिसमें अवैध रूप से प्राप्त धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

फिलहाल, ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है, और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी अन्य संदिग्ध लेनदेन और संपत्तियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस पूरे घोटाले के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी