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'पीएम सूर्य घर योजना' से मध्य प्रदेश के दमोह में ऊर्जा क्रांति: सोलर पैनल से घटे बिल, बढ़ी आमदनी

दमोह, 27 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर योजना' अब ऊर्जा क्रांति का रूप लेती नजर आ रही है। गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंच चुकी यह योजना आम लोगों के लिए राहत के साथ-साथ कमाई का मजबूत जरिया भी बन चुकी है।
 
'पीएम सूर्य घर योजना' से मध्य प्रदेश के दमोह में ऊर्जा क्रांति: सोलर पैनल से घटे बिल, बढ़ी आमदनी

दमोह, 27 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर योजना' अब ऊर्जा क्रांति का रूप लेती नजर आ रही है। गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंच चुकी यह योजना आम लोगों के लिए राहत के साथ-साथ कमाई का मजबूत जरिया भी बन चुकी है।

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा नगर में इस योजना का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां अलग-अलग वार्डों के लोगों ने अपने घरों की छतों पर 3 किलो वाट तक के सौर पैनल लगवाए हैं। इन सोलर सिस्टम ने न सिर्फ उनके बिजली बिल को आधा कर दिया है, बल्कि कई परिवारों को लगभग मुफ्त बिजली का लाभ भी मिलने लगा है।

पहले जहां गर्मी के मौसम में बिजली उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल चुकाना पड़ता था, लेकिन सोलर पैनल के उपयोग से अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। बिजली खर्च में भारी कमी आई है, जिससे आम परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। इसके साथ ही शून्य प्रतिशत ब्याज पर बैंक फाइनेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हर जरूरतमंद व्यक्ति आसानी से इस योजना का लाभ ले सके।

एक लाभार्थी स्वप्निल जैन ने आईएएनएस को बताया कि पोस्ट ऑफिस विभाग के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली थी कि 3 किलो वाट के सोलर पैनल में 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हो रही है। इसके बाद उन्होंने इस योजना का लाभ लेने के लिए वेंडर से संपर्क किया और अपनी घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया। गर्मी के समय में जो बिल 4 से 5 हजार रुपए तक पहुंच जाता था, अब वह महज 400 से 500 रुपए आता है।

स्वप्निल जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए आगे कहा कि भारत को सशक्त बनाने के लिए इस प्रकार की योजना का क्रियान्वयन बहुत जरूरी है।

वहीं, एक अन्य लाभार्थी संतोष यादव ने बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन में देखा कि बहुत से लोग 'पीएम सौर घर योजना' का लाभ ले रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भी सोलर पैनल लगवा लिया। जो बिल दो से तीन हजार रुपए आता था, अब वह 400 से 500 रुपए आता है।

घर की छत पर लगे सौर पैनल प्रतिदिन लगभग 25 से 30 यूनिट तक बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इस बिजली को स्टोर करने के लिए विशेष मीटर लगाया जाता है, जिसके माध्यम से अतिरिक्त बिजली सीधे विद्युत विभाग को भेज दी जाती है। इसके बदले उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी मिलता है।

लाभार्थी संतोष यादव ने बताया कि उनके घर पर स्थापित सोलर पैनल करीब 25 से 28 मिनट बिजली प्रतिदिन बनाते हैं। इस बिजली को स्मार्ट मीटर के जरिए सीधे तौर पर विद्युत विभाग को ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद सालाना विद्युत विभाग में जमा हुई बिजली का भुगतान विद्युत विभाग की ओर से सीधे तौर पर हितग्राही के खाते में किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल योजना में एक सुविधा यह भी है कि प्रतिदिन बनने वाली बिजली को आप मोबाइल में मौजूद ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। इसमें धनराशि भी दिखती है।

कुल मिलाकर, 'पीएम सूर्य घर योजना' दमोह में आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। यह योजना न केवल लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय के नए रास्ते भी खोल रही है।

--आईएएनएस

डीसीएच/