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पीएम मोदी शनिवार को साणंद में सेमीकंडक्टर ओएसएटी प्लांट में चिप के व्यावसायिक उत्पादन का करेंगे शुभारंभ

गांधीनगर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 जुलाई) को साणंद में सीजी सेमी की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री के करकमलों से लॉन्च के बाद यह कंपनी देश और दुनिया में अपने ग्राहकों को सेमीकंडक्टर चिप्स भेजेगी। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने फरवरी, 2024 में मंजूरी दी थी।
 

गांधीनगर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (4 जुलाई) को साणंद में सीजी सेमी की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री के करकमलों से लॉन्च के बाद यह कंपनी देश और दुनिया में अपने ग्राहकों को सेमीकंडक्टर चिप्स भेजेगी। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने फरवरी, 2024 में मंजूरी दी थी।

सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी सीजी सेमी प्रा. लिमिटेड ने 7600 करोड़ रुपए की लागत से साणंद में ओएसएटी फैसिलिटी शुरू की है। सीजी सेमी के साथ जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाइलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की संयुक्त भागीदारी है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से साणंद में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और भी मजबूत होगा। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास से यह दशक टेक-फ्यूचर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा।

माइक्रोन प्लांट के शुभारंभ के बाद केन्स सेमीकॉन और अब सीजी सेमी द्वारा ओएसएटी फैसिलिटी शुरू होने से स्थानीय आर्थिक विकास को बूस्ट मिलेगा। ओएसएटी, यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट प्लांट, में चिप की टेस्टिंग और पैकेजिंग करके उसे बाजार में पहुंचाने का काम पूरा किया जाता है। सीजी सेमी द्वारा दूसरे एक प्लांट के निर्माण का काम भी अभी प्रगति पर है। ये दोनों ओएसएटी फैसिलिटीज साथ मिलकर प्रतिदिन कुल 1.5 करोड़ चिप्स का निर्माण करेंगी।

प्रधानमंत्री 4 जुलाई को सीजी सेमी की ओएसएटी फैसिलिटी में विभिन्न सेमीकंडक्टर प्रक्रियाओं का निरीक्षण करेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैषणव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया मौजूद रहेंगे। ओएसएटी फैसिलिटी के शुभारंभ के बाद प्रधानमंत्री एक सभा को संबोधित करेंगे।

इस ओएसएटी फैसिलिटी में क्यूएफएन (क्वाड फ्लैट नो-लीड) और क्यूएफपी (क्वाड फ्लैट पैकेज) जैसी लिगेसी चिप्स और आधुनिक एफसी-बीजीए (फ्लिप चिप बॉल ग्रिड ऐरे) और एफसी-सीएसपी (फ्लिप चिप-चिप स्केल पैकेज) चिप्स का निर्माण किया जाएगा, जो ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल उपकरणों, 5जी उपकरणों और पावर एप्लीकेशन क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेंगे। कंपनी में अभी 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। प्लांट शुरू होने के बाद अगले पांच वर्षों में 5000 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार अवसरों का सृजन होगा।

प्रधानमंत्री ने साफ कहा है, “हमारा लक्ष्य केवल एक फैक्ट्री स्थापित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है। भारत अब सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन पर फोकस कर रहा है, जिसमें डिजाइन इंजीनियर से लेकर मशीन निर्माता और लॉजिस्टिक्स तक के सभी स्तर शामिल हैं। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की घोषणा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारत के अंदर ही मटेरियल और कंपोनेंट्स की मांग भी बढ़ेगी, जो स्थानीय उद्योगों के लिए सबसे बड़ा अवसर होगा।”

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए गुजरात ने सबसे पहले समर्पित सेमीकंडक्टर पॉलिसी घोषित की थी। अभी, सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत गुजरात में 6 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सीजी सेमी, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं। इस सेक्टर में इन 6 प्रोजेक्ट्स के जरिए कुल 14.7 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है।

फरवरी 2026 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) फैसिलिटी और मार्च 2026 में केन्स सेमीकॉन की ओएसएटी फैसिलिटी में कामकाज की शुरुआत भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक अहम कदम था। हाल ही में, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स को भी नई सेमीकंडक्टर इकाइयां लगाने की मंजूरी मिली है। ये प्रोजेक्ट्स भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बूस्ट देंगे और एक प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में गुजरात की स्थिति को मजबूत करेंगे।

बहुत ही कम समय में साणंद के औद्योगिक विकास में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। माइक्रोन टेक्नोलॉजी, केन्स सेमीकॉन के बाद अब सीजी सेमी द्वारा भी यहां सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया गया है। एक समय ऑटोमोबाइल हब के रूप में जाना जाने वाला साणंद अब भारत के पहले चिप पैकेजिंग क्लस्टर और वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। साणंद ताइवान के सिंशु शहर और दक्षिण कोरिया के ग्योंगी शहर के समान भारत में सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित हो रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात अब केवल निवेश स्थल के रूप में ही पहचाना नहीं जाता। अब, गुजरात उससे आगे बढ़कर उत्पादन, डिजाइन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन, कौशल विकास, अनुसंधान, लॉजिस्टिक्स और नवाचार के साथ एक सर्वग्राही इकोसिस्टम बन गया है। गुजरात सरकार ने मजबूत नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे, तेज मंजूरी और व्यवसाय-अनुकूल गवर्नेंस के माध्यम से सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास को लगातार समर्थन दिया है। प्रोजेक्ट के आयोजन से लेकर उत्पादन शुरू करने तक, राज्य द्वारा ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जो निवेश को प्रोत्साहन देने के साथ ही वैश्विक भरोसे का निर्माण भी करता है।

--आईएएनएस

डीएससी