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पीएम मोदी नेतृत्व में अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो ने शहरी कनेक्टिविटी को दी नई रफ्तार

गांधीनगर, 10 जून (आईएएनएस)। कनेक्टिविटी किसी भी शहर की प्रगति का मापदंड होती है। एक आधुनिक और एकीकृत परिवहन प्रणाली सीधे तौर पर विकास, रोजगार, पर्यटन और लोगों के जीवन की गुणवत्ता के साथ जुड़ा होता है।
 
पीएम मोदी नेतृत्व में अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो ने शहरी कनेक्टिविटी को दी नई रफ्तार

गांधीनगर, 10 जून (आईएएनएस)। कनेक्टिविटी किसी भी शहर की प्रगति का मापदंड होती है। एक आधुनिक और एकीकृत परिवहन प्रणाली सीधे तौर पर विकास, रोजगार, पर्यटन और लोगों के जीवन की गुणवत्ता के साथ जुड़ा होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में कनेक्टिविटी और परिवहन क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा गया है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य में विश्व स्तरीय मेट्रो नेटवर्क की परिकल्पना की थी, जिसका उद्देश्य यातायात के दबाव में कमी करना, शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के जरिए शहरी विकास को एक नई गति देना था।

इस विजन का परिणाम यह हुआ कि आज अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो सेवा तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन के एक शानदार उदाहरण के रूप में उभरी है। अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के फेज-1 और फेज-2 के सफल कार्यान्वयन के बाद आज 68.28 किलोमीटर लंबे नेटवर्क और 54 स्टेशनों के साथ अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो लाखों नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है।

अहमदाबाद महानगर पालिका (एएमसी), गांधीनगर महानगर पालिका (जीएमसी), अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट सर्विस (एएमटीएस), बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) जैसे स्थानीय और रेलवे जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के साथ मजबूत तालमेल के जरिए यात्रियों को लास्ट-माइल कनेक्टिविटी दी जा रही है और अब तक 200 से अधिक बसें मेट्रो स्टेशनों से होकर गुजरती हैं।

गुजरात सरकार के ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी जीवन जीने की सुगमता के मंत्र को साकार करते हुए 68.28 किमी लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क अहमदाबाद और गांधीनगर के नागरिकों की सुविधा में वृद्धि करने के साथ ही समय की बचत भी कर रहा है। नतीजतन, आज लाखों यात्री मेट्रो सेवा का लाभ उठा रहे हैं। जहां, वर्ष 2023 में रोजाना औसतन 69 हजार यात्रियों ने मेट्रो सेवा का लाभ उठाया था, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.01 लाख और 2025 में 1.33 लाख तक पहुंच गया। वर्ष 2026 के मई महीने तक दैनिक यात्रियों की संख्या 1.53 लाख तक पहुंच चुकी है। यह दिखाता है कि आज अहमदाबाद-गांधीनगर के नागरिकों के लिए मेट्रो केवल परिवहन का एक माध्यम ही नहीं, बल्कि तेज, किफायती और विश्वसनीय यात्रा के लिए एक पसंदीदा विकल्प भी बन गई है।

अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो सेवा के कारण यात्रियों को किफायती और कुशल शहरी परिवहन का एक शानदार अनुभव मिला है। मेट्रो सेवा के मिले व्यापक समर्थन का अंदाजा कुल यात्रियों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अक्टूबर 2022 में मेट्रो सेवा के विस्तार के बाद, मई 2026 तक कुल 13.81 करोड़ लोगों ने मेट्रो में यात्रा की है। आज, हर महीने लाखों विद्यार्थी, कर्मचारी और पर्यटन अपने दैनिक आवागमन के लिए मेट्रो को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आंकड़ा मेट्रो की बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ अहमदाबाद-गांधीनगर में सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में आए बदलाव को भी दर्शाता है।

इस वर्ष अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में आयोजित आईपीएल मैच, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और अन्य बड़े कार्यक्रमों के दौरान लाखों लोगों ने मेट्रो से सफर को प्राथमिकता दी। 30 अप्रैल 2026 को आयोजित आईपीएल मैच के दौरान 2.26 लाख से अधिक यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया था, जबकि 21 मई 2026 को आयोजित आईपीएल मैच के दौरान 2.22 लाख और 18 फरवरी 2026 के विश्व कप के मैच के दौरान 2.21 लाख से अधिक लोगों ने मेट्रो में यात्रा की। इसके अलावा, 25 और 26 जनवरी 2025 को आयोजित कोल्डप्ले कॉन्सर्ट के दौरान कुल 4.11 लाख से अधिक लोगों ने मेट्रो सेवा का लाभ उठाया था।

प्रधानमंत्री का विजन मेट्रो के माध्यम से खास तौर पर युवाओं, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों तथा आर्थिक रूप से कम आय वाले ऐसे वर्ग, जो घनी आबादी वाले इलाकों में रहते हैं और शहर के अन्य इलाकों में काम करने के लिए जाते हैं, को विशेष सुविधाएं प्रदान करना था। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मेट्रो का एलाइनमेंट उसी हिसाब से किया गया है। यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। गिफ्ट सिटी एक्सटेंशन, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और अहमदाबाद मेट्रो फेज-3 के तहत कुल 68 किलोमीटर से अधिक नए कॉरिडोर बनाने का आयोजन किया गया है, जो केंद्र सरकार के पास मंजूरी के विभिन्न चरणों में है।

इस विस्तार के पूरा होने के बाद मेट्रो नेटवर्क शहर के और अधिक क्षेत्रों को कवर कर लेगा और गुजरात के आर्थिक तथा शहरी विकास को एक नई रफ्तार देगा। इसके अलावा, लगभग 40 किमी लंबे नेटवर्क और 38 स्टेशनों के साथ सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट भी शहर की परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा दे रहा है। हाल ही में, 15 किमी के रूट पर इसका ट्रायल रन सफलतापूर्वक शुरू किया गया है।

अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट से राज्य में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और भी मजबूत बन रही है। आज, मेट्रो गुजरात के शहरी विकास और जनसुविधा का एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ बन चुकी है। नागरिकों की यात्रा को और भी आसान, तेज और सुगम बनाने के साथ ही मेट्रो जैसी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था गुजरात को ‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रही है।

--आईएएनएस

डीएससी