पीएम मोदी ने नेपाल को मदद का भरोसा दिलाया, बिहार में भी सीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण : संजय झा
पटना, 27 अगस्त (आईएएनएस)। जदयू सांसद संजय झा ने नेपाल में आई अचानक बाढ़ और बिहार में संभावित खतरे को लेकर सरकार की तैयारियों पर बात की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि नेपाल से आने वाली नारायणी नदी बिहार में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है। ऐसे में नेपाल में बादल फटने, तेज बारिश या पानी का अचानक बहाव बढ़ने जैसी स्थिति का असर बिहार में भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संभावित समाधान पर मिलकर विचार करना चाहिए। बिहार सरकार इस तरह की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ को लेकर संजय झा ने कहा कि वहां हुई त्रासदी और उससे प्रभावित लोगों की तस्वीरें और वीडियो बेहद दुखद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदा कहीं भी आ सकती है और इस मुश्किल समय में भारत अपने पड़ोसी नेपाल के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं। जब भी किसी देश या क्षेत्र में आपदा आती है, भारत अपनी क्षमता के अनुसार मदद के लिए आगे आता है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने नेपाल की मदद की थी।
संजय झा ने बिहार में बाढ़ की समस्या को लेकर नदियों में लगातार जमा हो रही गाद और मिट्टी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गंडक जैसी सहायक नदियां गंगा में मिलती हैं और यदि नदियों में गाद लगातार जमा होती रहेगी, तो पानी के प्रवाह पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने फरक्का बैराज और संबंधित समझौतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह बिहार के लिए लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों पर बिहार सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
