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पीएम मोदी ने लॉन्च किया 'विकसित उड़ान', जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

जोधपुर/नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत के नागर विमानन क्षेत्र को नई गति देते हुए उड़ान योजना के अगले चरण 'विकसित उड़ान' का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। सरकार का कहना है कि इन दोनों पहलों से क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूती मिलेगी, विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना विकसित होगी और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
 

जोधपुर/नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत के नागर विमानन क्षेत्र को नई गति देते हुए उड़ान योजना के अगले चरण 'विकसित उड़ान' का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। सरकार का कहना है कि इन दोनों पहलों से क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूती मिलेगी, विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना विकसित होगी और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

एक आधिकारिक बयान में नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना (उड़े देश का आम नागरिक) ने देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई पहचान दी है। अब तक इस योजना के तहत 669 रूट संचालित किए जा चुके हैं और 95 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट तथा वाटर एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे अब तक 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है।

इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी, जिस पर अगले 10 वर्षों में करीब 29,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

बयान के अनुसार, संशोधित उड़ान योजना के तहत देश भर में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों को विकसित कर 100 नए एयरफील्ड तैयार किए जाएंगे, जिस पर 12,159 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए 2,577 करोड़ रुपए, 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने के लिए 3,661 करोड़ रुपए तथा क्षेत्रीय एयरलाइनों के संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखने के लिए 10,043 करोड़ रुपए की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) दी जाएगी।

योजना के तहत आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म का उपयोग दूर-दराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों में किया जाएगा।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक लागत वाली संशोधित उड़ान योजना भारत के विमानन क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से उड़ान योजना ने प्रधानमंत्री के 'हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में सफर करे' के विजन को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आज यह योजना केवल हवाई संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, छात्रों, उद्यमियों, कारीगरों और व्यापारियों के लिए नए अवसरों का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' की दिशा में उड़ान का अगला चरण अंतिम छोर तक हवाई संपर्क सुनिश्चित करेगा और 'सबकी उड़ान, सबका विकास' के लक्ष्य को साकार करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। 480 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा तैयार यह टर्मिनल राजस्थान के पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा।

करीब 23,342 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला यह आधुनिक टर्मिनल एक समय में 1,500 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यहां 20 चेक-इन काउंटर, अत्याधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और 6 एयरोब्रिज बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा, नया एप्रन 11 ए-321 विमानों और एक एटीआर-72 विमान की पार्किंग की क्षमता रखता है, जबकि परिसर में लगभग 320 कारों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।

राम मोहन नायडू ने आगे कहा कि जोधपुर का नया टर्मिनल मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को खूबसूरती से प्रदर्शित करता है। राजस्थानी शैली की भव्य वास्तुकला, झरोखे और पारंपरिक डिज़ाइन यात्रियों, विशेषकर विदेशी पर्यटकों को राजस्थान की संस्कृति और 'पधारो म्हारे देश' की भावना का पहला अनुभव कराएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसे हवाई अड्डों का निर्माण किया जा रहा है, जो आधुनिक सुविधाओं के साथ भारत की सांस्कृतिक पहचान को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।

--आईएएनएस

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