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एफएओ सम्मान पर पद्मश्री अवॉर्डी सेठपाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को दी नई दिशा'

सहारनपुर, 22 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2026 के लिए अपना सर्वोच्च सम्मान ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया है। इस पर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए इस सम्मान को देश के लिए गौरव का क्षण बताया है।
 
एफएओ सम्मान पर पद्मश्री अवॉर्डी सेठपाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को दी नई दिशा'

सहारनपुर, 22 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2026 के लिए अपना सर्वोच्च सम्मान ‘एग्रीकोला मेडल’ प्रदान किया है। इस पर पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए इस सम्‍मान को देश के लिए गौरव का क्षण बताया है।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि यह मात्र प्रधानमंत्री मोदी की ही नहीं, बल्कि पूरे देश का स्वागत है। प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़कर कृषि क्षेत्र को नए उत्‍थान की तरफ लेकर गए हैं। उन्होंने हम किसानों को एफपीओ और स्टार्टअप स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से मदद दी और चाय किसानों को विविधता की तरफ ले जाकर भारत के लिए यह महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त किया है।

उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। किसानों के हितों में आने वाले तीन कानून, जिसका किसान संगठनों ने विरोध किया था, वह तीनों कानून किसानों की दिशा और दशा दोनों को बदलने वाले कानून थे। मोटे अनाज को पीएम ने पूरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स के रूप में बढ़ाया और भारत के किसानों को एक तरीके से मैसेज दिया।

प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह ने कहा कि मोटे अनाज हमारे स्वास्थ्य के लिहाज से पोषक तत्वों से भरपूर हैं, जिसमें खाद की जरूरत कम होती है। मोटे अनाज में कीटनाशकों का प्रयोग कम होता है। पीएम मोदी ने किसानों के लिए कई हितकर फैसले लिए हैं। पीएम किसान सम्‍मान निधि मिलने से किसान अपनी फसलों को समय पर खाद, बीज और सिंचाई उपलब्‍ध करा पाते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में कृषि क्षेत्र में कई क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं।

उन्‍होंने कहा कि कुछ देश इसलिए चिंतित हैं कि भारत विकासशील से विकसित राष्ट्र की तरफ क्यों बढ़ रहा है। कुछ लोग हमारे एग्रीकल्चर सेक्टर में, हमारी डेयरी सेक्टर में दबाव बनाकर प्रवेश करना चाहते हैं। लेकिन भारत एक किसान प्रधान देश है और हमारे यहां छोटी जोत के किसान हैं। प्रधानमंत्री आगे बढ़कर किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए प्रयासरत हैं। आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है।

क्या भारत ने वैश्विक दबावों के बावजूद अपने घरेलू कृषि हितों और किसानों के हितों की मजबूती से रक्षा की है? के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार यह बात कही है। उन्‍होंने कहा है कि चाहे मेरे ऊपर कितना भी दबाव हो, लेकिन मैं अपने देश के किसानों के अधिकारों के प्रति कोई भी समझौता नहीं करूंगा।

सेठपाल सिंह ने कहा कि निश्चित रूप से प्रधानमंत्री ने उन तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए, चाहे वह खाद से संबंधित समस्याएं हो क्योंकि यह आयात करने वाले संसाधन हैं, उस पर सब्सिडी दी, जिससे किसानों पर दबाव न पड़े। निश्चित तौर पर किसानों को फायदा हो।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम