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पीएम मोदी की सरकार किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती : गिरिराज सिंह

बेगूसराय, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ अलग बर्ताव नहीं किया है।
 
पीएम मोदी की सरकार किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करती : गिरिराज सिंह

बेगूसराय, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ अलग बर्ताव नहीं किया है।

दरअसल, केरल के नाम बदलने के कैबिनेट के फैसले पर विवाद पैदा हो गया है। सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

ममता बनर्जी के बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार झूठ बोल रही है। ऐसा लगता है कि उन्होंने झूठ फैलाने का कॉन्ट्रैक्ट ले रखा है। उन्हें जो काम करना चाहिए, उसे करने के बजाय, उनके पास बांग्लादेशी मुसलमानों को वहां बसाने का समय है। बंगाल को बांग्लादेश बनाने का प्लान है। यह लोगों को बेरोजगार करने, बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सिर्फ ड्रामा है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में पंडित नेहरू ने जो पाप किया, उसका खामियाजा देश आज भी भुगत रहा है। गांधी परिवार को नेहरू और कांग्रेस की गलतियों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। बंटवारे के बाद, एजुकेशनल लेवल पर, किताबों और सिलेबस में, वे मुगलों की बड़ाई करते रहे और उनकी तारीफ करते रहे। यह बदकिस्मती है कि आजादी के बाद, भारत के नेशनल हीरो की बड़ाई नहीं की गई, बल्कि, सिर्फ मुगलों को हाईलाइट किया गया। अब, पीएम मोदी की सरकार धीरे-धीरे उन गलतियों को ठीक कर रही है।

एआई समिट के मुद्दे पर गिरिराज सिंह ने कहा कि जब दुनिया के मंच पर भारत एआई में नेतृत्व की बात कर रहा था, उसी मंच पर भारत को शर्मिंदा करने की कोशिश की गई। यह अज्ञानता नहीं, एक पुरानी राजनीतिक सोच का खुला प्रदर्शन है। जब गांव में किसी परिवार के घर शादी होती है, तो पूरा गांव जुड़ जाता है क्योंकि आए हुए मेहमान उस एक घर से नहीं, पूरे गांव की छवि लेकर लौटते हैं। फिर देश के मामले में कुछ लोग क्यों भूल जाते हैं कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि भी पूरे देश की होती है, किसी एक परिवार की नहीं? राहुल गांधी की हरकत कोई अपवाद नहीं, बल्कि उसी वंशवादी विरासत की कड़ी है जहां बार-बार रणनीतिक अवसर गंवाए गए, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौते हुए, विदेश नीति को कमजोर किया गया और आज भारत की वैश्विक छवि पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम