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पीएम मोदी की ईरान-रूस वार्ता से सेवा संकल्प अभियान तक, केंद्र पर बरसे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बातचीत, चीन के साथ संबंध, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे की अटकलें और भाजपा के 'सेवा संकल्प अभियान' पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने चीन के साथ भारत की संप्रभुता और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट बातचीत की मांग की। वहीं, भाजपा के सेवा अभियान को चुनावी गतिविधियों से जोड़कर सवाल उठाए।
 

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बातचीत, चीन के साथ संबंध, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे की अटकलें और भाजपा के 'सेवा संकल्प अभियान' पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने चीन के साथ भारत की संप्रभुता और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट बातचीत की मांग की। वहीं, भाजपा के सेवा अभियान को चुनावी गतिविधियों से जोड़कर सवाल उठाए।

प्रधानमंत्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बातचीत पर इमरान मसूद ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध पुराने और मजबूत रहे हैं। ईरान भारत का पुराना मित्र है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में चीन के साथ बातचीत ज्यादा महत्वपूर्ण है। चीन के साथ भारत की संप्रभुता से जुड़े मुद्दे लगातार उठते रहे हैं। ऐसे में शी जिनपिंग के साथ व्यापार के अलावा इन विषयों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए। मसूद ने कहा कि यदि दोनों देशों के नेता बातचीत के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं तो यह भारत के हित में होगा। चीन के साथ संबंधों में केवल आर्थिक और व्यापारिक पहलुओं पर चर्चा पर्याप्त नहीं है। सीमा और संप्रभुता से जुड़े विषयों को भी बातचीत के केंद्र में रखा जाना चाहिए।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की अटकलों और उनके पूर्व ओएसडी से जुड़े ईडी की कार्रवाई पर इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि रावत किसी राजनीतिक या संगठनात्मक जिम्मेदारी को लेकर कोई निर्णय लेते हैं तो यह उनका बड़प्पन हो सकता है, लेकिन किसी कार्रवाई के दबाव में आने की जरूरत नहीं है। ईडी की कार्रवाई के संदर्भ में मसूद ने बरामद धनराशि को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि इतनी राशि मिलना अपने आप में कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। केवल धनराशि की बरामदगी के आधार पर किसी बड़े निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक दबाव या डर का माहौल बनाया जाना उचित नहीं है।

भाजपा के 'सेवा संकल्प अभियान' के दौरान हर गरीब परिवार तक पहुंचने की योजना पर भी इमरान मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की योजनाएं चुनाव के समय ज्यादा दिखाई देती हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद उनका असर नजर नहीं आता। यदि वास्तव में गरीब परिवारों तक पहुंचने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मंशा है तो यह काम लगातार होना चाहिए। उन्होंने भाजपा के सेवा अभियान को चुनावी राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि केवल अभियान चलाने से गरीबों की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी, बल्कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर लगातार क्रियान्वयन जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में सीएम शुभेंदु अधिकारी द्वारा मंदिर में बैठकर मछली खाने के विवाद पर इमरान मसूद ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग मांसाहारी भोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की करीब 82 प्रतिशत आबादी मांसाहारी है। उत्तर भारत में मांसाहार के मुद्दे को कई बार मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। खान-पान के विषय को धार्मिक या सामुदायिक विवाद का मुद्दा बनाने के बजाय इसे व्यक्तिगत पसंद के तौर पर देखा जाना चाहिए। भारत में अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों की खान-पान की परंपराएं अलग हैं और इस विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके