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पीएम मोदी की अपील सराहनीय, भारत को भी विषम परिस्थितियों के लिए रहना होगा तैयार: दानिश आजाद अंसारी

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमेशा को मजबूत और सक्षम बनाने की दिशा में काम किया है। देश के संसाधन का विकास देश के विकास के लिए होना चाहिए।
 
पीएम मोदी की अपील सराहनीय, भारत को भी विषम परिस्थितियों के लिए रहना होगा तैयार: दानिश आजाद अंसारी

नई दिल्‍ली, 12 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से ईंधन बचाने और सोने की खरीदारी से बचने की अपील की उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सराहना की है। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी हमेशा को मजबूत और सक्षम बनाने की दिशा में काम किया है। देश के संसाधन का विकास देश के विकास के लिए होना चाहिए।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा राष्ट्र को मजबूत और सक्षम बनाने की दिशा में काम किया है। आज की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और हो रहे घटनाक्रमों को देखते हुए भारत को भी उनके लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी के इन सभी प्रयासों के पीछे यही सोच है।

अंसारी ने कहा कि स्पष्ट रूप से भारत को मजबूत और सक्षम बनाना ही प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता है। देश के संसाधन का विकास देश के विकास के लिए होना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्‍होंने देशवासियों से अपील की है। हमने लगातार देखा है कि पीएम मोदी जब भी देशहित की बात करते हैं, देश के विकास और उन्‍नति के लिए अपील करते हैं तो जनता उनके साथ खड़ी दिखाई देती है। भारत को सशक्‍त और समृद्धि बनाने के लिए देश तैयार है।

उन्‍होंने पीएम मोदी की अपील पर विपक्षी दलों के टिप्‍पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई एजेंडा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने जो भी अपील की है, वह राष्ट्र के हित में ही की है। राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों का विरोध करना अब विपक्ष का एजेंडा बन गया है। भाजपा का विरोध करते-करते आज विपक्ष भारत का विरोध करने लगा है।

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने आईएएनएस से कहा, "मौजूदा वैश्विक हालात में, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रहे घटनाक्रमों के चलते पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है और भारत भी इसके असर से अछूता नहीं है। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री नागरिकों के लिए कोई सलाह या चेतावनी जारी करते हैं जैसे कि ईंधन की खपत कम करना, पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करना, बेवजह सोने की खरीदारी से बचना, या विदेश यात्रा सीमित करना तो इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

अजय आलोक ने कहा कि पीएम मोदी ये नहीं कह रहे हैं कि देश के सामने आर्थिक संकट है, सोना दान कर दो। इस तरह की अपील समय-समय पर कई प्रधानमंत्री कर चुके हैं। अगर यह जंग लंबे समय तक चली तो ऐसे में क्‍या-क्‍या समस्‍याएं हो सकती हैं, उसकी तैयारी आज से करें तो क्‍या दिक्‍कत है।

मुंबई में भाजपा विधायक मिहिर चंद्रकांत कोटेचा कहते हैं, "हम सभी जानते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पैदा हुए संकट ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का 25 प्रतिशत हिस्सा बाधित कर दिया है। जिस तरह हमने पीएम मोदी की कार्रवाई की अपील को मानकर कोविड संकट का सफलतापूर्वक सामना किया था, उसी तरह यह अपील भी पीएम मोदी ने बहुत सोच-समझकर की है। इसका उद्देश्य हमें अपने दैनिक तेल की खपत कम करने में सक्षम बनाना है, जिससे देश पर इस स्थिति के पड़ रहे प्रभाव को कम किया जा सके।"

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी