पीएम मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरुत्थान को मिल रहा बल: गृह मंत्री अमित शाह
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में नेशनल लाइब्रेरी और नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम द्वारा बनाए ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ के पहले फेज का लोकार्पण किया। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा की हैं।
गृह मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक पुनरुत्थान के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज कोलकाता की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया में 'शब्द संग्रहालय' के पहले चरण का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं, बोलियों और 9 अत्याधुनिक डिजिटल गैलरियों से युक्त यह संग्रहालय भाषा, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। साथ ही, देशभर के भाषा-प्रेमियों, शोधार्थियों और अध्यापकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
इस दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान की इसी मूल कमी को कोलकाता का ये संग्रहालय (म्यूजियम ऑफ वर्ड) पूरा करेगा, इसका मुझे पूरा विश्वास है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश या प्रदेश की संस्कृति की अभिव्यक्ति भाषा के बिना संभव ही नहीं हो सकती और भाव से उत्पन्न शब्दों के बिना भाषा बन ही नहीं सकती। जब तक हमारी आने वाली पीढ़ियां यह नहीं जानेंगी कि भाषा शब्दों से बनती है, शब्द भाव से उत्पन्न होते हैं और भाषा के माध्यम से संस्कृति की अभिव्यक्ति होती है, तब तक इस देश का सांस्कृतिक पुनरुत्थान संभव नहीं हो सकता। आज देशभर की भाषाओं और संस्कृति के लिए बहुत बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का जो संकल्प लिया है, उस दिशा में आज महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया गया।
उन्होंने कहा कि आज एक प्रकार से देशभर की भाषाओं और देश की संस्कृति के लिए बहुत बड़ा दिन है। क्योंकि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का जो संकल्प लिया है, उसका महत्वपूर्ण पड़ाव आज पार कर रहे हैं। किसी भी देश की और किसी प्रदेश की संस्कृति भाषा के बिना संभव हो ही नहीं सकती और भाव से उत्पन्न शब्दों के बगैर भाषा बन ही नहीं सकती है।
--आईएएनएस
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