पीएम मोदी का इजरायल दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा: प्रवीण खंडेलवाल
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने पीएम मोदी के दो दिवसीय इजरायल दौरे को लेकर कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
आईएएनएस से बातचीत में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच पुरानी दोस्ती है और वे स्वाभाविक सहयोगी हैं। जैसा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, पूरा इजरायल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है। मुझे विश्वास है कि यह दौरा न केवल भारत और इजरायल के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों को भी गहरा करेगा। भारत और इजरायल मिलकर पूरी दुनिया में नई चीजों का निमार्ण करेंगे जो मानवता के हित में होगी।
इंडियन यूथ कांग्रेस की गिरफ्तारी पर भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस के लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश की गरिमा का ध्यान नहीं रखते हैं, शर्टलेस प्रदर्शन किया है तो उसका नेतृत्व चीफ ने ही किया है। यूथ कांग्रेस के चीफ को कानून के अंतर्गत ही हिरासत में रखा गया है। कानून अपना काम करेगा, इसमें किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? कृत्य किया है तो सजा भुगतनी होगी। आप कोर्ट भी जा सकते हैं, कोर्ट आपको न्याय देगा।
शंकराचार्य के मामले में भाजपा सांसद ने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, जिसने कानून तोड़ा है, उसे सजा जरूर मिलेगी। यह भारत का न्याय है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि 'केरलम' नाम पूरी तरह से केरल की संस्कृति से मेल खाता है और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का स्वागत है। चूंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर प्रस्ताव दिया है, मेरा मानना है कि सरकार के लेवल पर इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
दिल्ली का नाम बदलने के मामले में भाजपा सांसद ने कहा कि मेरा मानना है कि किसी भी शहर का नाम उसकी संस्कृति को दिखाता है। ऐतिहासिक रूप से, दिल्ली को इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जो आज के ज़माने से बहुत पहले पांडवों के समय से है। आज, मैंने केंद्रीय गृह मंत्री को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें दिल्ली का नाम बदलकर वापस इंद्रप्रस्थ करने का अनुरोध किया है। मैंने दिल्ली में सही जगहों पर पांच पांडवों की मूर्तियां लगाने का भी सुझाव दिया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत के बारे में जान सकें।
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