रामदास कदम ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, बोले-बच्चों को आंदोलन में झोंकना उनके भविष्य से खिलवाड़
मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना नेता रामदास कदम ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला और पीएम मोदी को गरीबों का भगवान बताया। शिवसेना नेता ने उद्धव ठाकरे पर स्कूली बच्चों को आंदोलन में उतारकर उनके भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
रामदास कदम ने कहा, "कोई सत्ता को खत्म नहीं करता है। उद्धव ठाकरे खुद सत्ता में थे, वो खुद मुख्यमंत्री रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा क्यों देना पड़ा फिर? उद्धव ठाकरे को इतना बड़ा अनुभव होने के बाद में ये चीज नहीं बोलनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी तो इस देश के और गरीब लोगों के भगवान हैं। करोड़ों लोगों को मुफ्त अनाज देकर पीएम मोदी उनका आशीर्वाद ले गए। कश्मीर से धारा 370 हटाया, अयोध्या में राम मंदिर उनके लिए बना। पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से कैसे देना है, उन्होंने दिखाया।
रामदास कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे उनको हटाने की बात कर रहे हैं। अगर बाला साहब होते तो उनका सत्कार कर देते। यही उद्धव ठाकरे और बालासाहब में अंतर है।
उन्होंने कहा कि जागरूक करने का यह मार्ग विद्यार्थियों का है। यह उनका अधिकार है, यह उनकी शिक्षा है, उन्हें उसी माध्यम से आगे ले जाना चाहिए, लेकिन दिल्ली वाले पप्पू और महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे, ये स्कूली बच्चों को साथ लेकर अपना आंदोलन चलाना चाहते हैं। जब तक धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली में थे, तब तक सब ठीक था, लेकिन उसके बाद आज जो राजनीति चल रही है, यह बच्चों का काम नहीं है। इसमें उनका बहुत समय व्यर्थ हुआ है।
शिवसेना नेता ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई-लिखाई से हटाकर आंदोलन के लिए उतारते हैं। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आपका क्या अधिकार है? उनको शिक्षा लेने दो, उनको उनका काम करने दो। आज उद्धव ठाकरे का ऐसा वक्त आ गया है कि उनको स्कूल के बच्चों का सहारा आंदोलन करने के लिए लेना पड़ा है। यही नाम उनका बचा है।
उन्होंने कहा कि फिर से दशहरा रैली मुंबई में दो जगह पर है। एक शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे के विचारों से जुड़ी रैली है और एक उद्धव ठाकरे की रैली है। आपको आज भी पता चल जाएगा कि असली शिवसेना किसकी है। अगर बालासाहब होते तो उद्धव ठाकरे को कांग्रेस के साथ जाकर मुख्यमंत्री कभी बनने नहीं देते। तो असली शिवसेना किसकी है, ये महाराष्ट्र जानता है।
शिवसेना नेता ने आगे कहा कि अगर बालासाहब होते तो रामदास कदम और दिवाकर राउत जैसे नेताओं को उठाकर बाहर नहीं फेंकते, चाहे मंत्री पद हो या एमएलसी पद। ऐसा नहीं किया जाता। सही मायनों में असली शिवसेना क्या है, यह महाराष्ट्र जानता है।
उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र में जो अकाल पड़ा हुआ है, आज भी किसानों की आत्महत्याएं जारी हैं। हमें वहां ध्यान देना है। जो किसान संकट में हैं, उनके तक मदद का हाथ पहुंचाना है। हमें गरीब लोगों की मदद करनी है।
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे खाली बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, सबको गालियां देते हैं, सबको चुनौती देते हैं, लेकिन आज उनके पीछे कोई नहीं है। वो हताश हो गए हैं। उनकी गलती नहीं है।
--आईएएनएस
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