पीएम मोदी एक करिश्माई नेता, देश की ग्रोथ को बढ़ाने में अहम योगदान : इंडस्ट्री
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। पीएम नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री) के रूप में 25 साल पूरे होने पर, इंडस्ट्री ने कहा कि वह एक करिश्माई नेता हैं और उन्होंने देश की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष प्रोफेसर महेंद्र चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक करिश्माई नेता है, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात शुरू किया, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित करने में मदद मिली है। साथ ही उन्होंने गिफ्ट सिटी भी बनाई है।
उन्हें आगे कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश के ग्रोथ को बढ़ाने का काम किया है, साथ ही वैश्विक मोर्चे पर देश का मान बढ़ाया है। जब भी मैं विदेश जाता हूं, तो यह मुझे महसूस होता है।
चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल ने देश को स्थिरता दी है, जिससे कारोबारी निवेश को लेकर अधिक विश्वास भरे फैसले ले सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 25 आधार अंक को बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने पर चौहान ने कहा कि यह बढ़ोतरी उम्मीदों के अनुरूप ही थी। हालांकि, निकट अवधि ब्याज दरों में कटौती को खारिज करना चिंता का विषय है। इससे बिजनेस की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने आरबीआई से अपील करते हुए कहा कि आगे कोई कदम डेटा को देखकर और सोच-समझ कर ही उठाएं, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है। साथ ही, हमारे सर्विसेज निर्यात तेजी से बढ़ रहे हैं और विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत बना हुआ है।
इसके अतिरिक्त, एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया कि आरबीआई दिसंबर की मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 50 आधार अंक तक बढ़ सकता है। हालांकि, यह बढ़ोतरी काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि जल्द ही ग्लोबल हालात अस्थिर हो सकते हैं, इसलिए आरबीआई को छोटी-छोटी बढ़ोतरी के बजाय एक बार में ही दरें बढ़ाने का मौका चुनना चाहिए।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, "दिसंबर तक रेपो रेट को 6 प्रतिशत करना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।"
आरबीआई की एमपीसी में रेपो रेट को सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अब आगे नीतिगत विकल्प असल में या तो दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने तक ही सीमित हैं, जो बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
--आईएएनएस
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