पीएम मोदी और अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी से बढ़ा विवाद, एनडीए नेताओं ने किया तीखा पलटवार
नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। राहुल गांधी के बयान पर भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक गरिमा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि अगली बार जब राहुल गांधी रायबरेली आएंगे तो उन्हें जवाब दिया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी एक मंदबुद्धि बालक की तरह हताशा, निराशा और कुंठा में डूबकर कभी देश के खिलाफ बोलते हैं तो कभी भारतीय सेना के खिलाफ। राहुल गांधी अपने विदेशी आका जॉर्ज सोरोस और चीन के नेताओं को खुश करने के लिए कभी भारत की सनातन संस्कृति के खिलाफ, कभी भारत की संस्थाओं के खिलाफ और कभी प्रधानमंत्री के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी अब भारत विरोधी सोच के आदतन अपराधी बन गए हैं। देश की जनता राहुल गांधी की इन दुर्भाग्यपूर्ण, गैर-जिम्मेदाराना और राष्ट्रविरोधी हरकतों को कभी माफ नहीं करेगी। वह 100 चुनाव हार चुके हैं और अगले 100 चुनाव हारने की उन्होंने तैयारी कर ली है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री देश की 140 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके लिए इस प्रकार की अभद्र भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। चिराग पासवान ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस बयान की कड़ी निंदा करती हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह 'गद्दार नहीं, खुद्दार' हैं। मांझी ने कहा कि 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह हारने का यह मतलब नहीं कि आप अनाप-शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे, राहुल गांधी जी! आपकी भाषा और बचकानी हरकतों का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है। जो खुद न घर के हैं, न घाट के, उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद की जा सकती है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा की मैं कड़ी निंदा करता हूं।
दिल्ली सरकार में मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल राहुल गांधी की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी नेता के पास ठोस मुद्दे और उपलब्धियां नहीं होतीं, तो वह व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेने लगता है। पंकज कुमार सिंह ने कहा कि देश की जनता अब नकारात्मक राजनीति को समझ चुकी है और विकास व विश्वास की राजनीति को प्राथमिकता देती है।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी राहुल गांधी और गांधी परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार बिना सत्ता के 'बिन पानी की मछली' की तरह तड़पता है और राहुल गांधी की बयानबाजी उसी छटपटाहट का नतीजा है।
भाजपा सांसद और प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की टिप्पणी को कांग्रेस की 'कुंठित राजनीति' का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की, उसके खिलाफ इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक हताशा और मानसिक विक्षिप्तता को दर्शाता है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के पास न नीति है, न नेतृत्व और न ही राष्ट्रहित का कोई सकारात्मक एजेंडा। उन्होंने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा कि देश के साथ गद्दारी किसने की? देश को दो हिस्सों में किसने बांटा? जम्मू-कश्मीर को अलग व्यवस्था किसने दी? सिखों का नरसंहार किसने किया? यह सब कांग्रेस ने किया। देश विरोधी ताकतों से कांग्रेस ने हाथ मिलाया, इसलिए असली गद्दार यही हैं। गद्दार पार्टी के गद्दार लोगों के मुंह से गद्दार शब्द निकल रहा है। बौखलाहट में कांग्रेस के नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं।
पंजाब भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने कहा कि राहुल गांधी के बयान और उनके काम पूरे देश और दुनिया को पता हैं। देश के दो नेताओं, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, ने राष्ट्र के लिए अपने काम से भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। उनका सम्मान करने के बजाय ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना एक संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। इस तरह के बयान देकर वह खुद को छोटा कर रहे हैं। बोलते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी एक्सीडेंटल नेता हैं। वह अपने क्षेत्र में गए थे तो विकास पर चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन वह अपने क्षेत्र में आकर प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द बोलने लगे। वह मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। दुख इस बात की है कि देश के प्रधानमंत्री के लिए रायबरेली में आकर अपशब्द बोले जा रहे हैं। अगर मैं वहां होता तो ईंट का जवाब पत्थर से देता।
उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक करने की हिम्मत होती नहीं है। सोनिया गांधी ने रायबरेली छोड़ दिया। प्रधानमंत्री को अपशब्द कह रहे हो? तुमसे बड़ा गद्दार कोई नहीं है। तुम गद्दारों के परिवार से जुड़े हुए हो। सबसे ज्यादा गद्दारी तुम्हारे परिवार ने की है। तुम प्रधानमंत्री को अगर गद्दार कह सकते हो तो तुम सबसे बड़े गद्दार हो।
उन्होंने कहा कि अगली बार जब राहुल गांधी रायबरेली आएंगे तो उन्हें अनुकूल जवाब दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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