Aapka Rajasthan

'भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों की 'वाका' नई यात्रा पर', ऑकलैंड में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को किया संबोधित

ऑकलैंड, 11 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के आखिरी चरण में ऑकलैंड में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए पीएम मोदी जैसे ही मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल मोदी-मोदी के नारे से गूंज उंठा।
 

ऑकलैंड, 11 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के आखिरी चरण में ऑकलैंड में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए पीएम मोदी जैसे ही मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल मोदी-मोदी के नारे से गूंज उंठा।

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को देखकर लोगों में एक अलग ही उत्साह था। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज 40 साल के बाद, कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड की धरती पर आया है। ये मेरा सौभाग्य है, मैं न्यूजीलैंड के सभी निवासियों के लिए 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। प्रधानमंत्री के रूप में भले ही मेरा पहला न्यूजीलैंड दौरा है, लेकिन 25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार में भी हिस्सा नहीं था, सार्वजनिक जीवन में भी मुझे कोई जानता नहीं था, तब भी मुझे यहां आने का मौका मिला।"

पीएम मोदी ने कहा कि उस समय मुझे किसी ने उपहार में तीन चीजें दी थी, जो मैं वापस भारत लेकर गया था, एक ये मफलर, एक टोपी और एक दस्ताना, क्योंकि ठंड का मौसम था, और उसमें से एक चीज मैं अभी यहां इस कार्यक्रम में भी लेकर आया। ये मफलर जो आप देख रहे हैं, ये 25-30 साल पहले मुझे न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था। इतने साल में मैंने कई बार इसका उपयोग किया और आज भी इसे संभाल कर रखा है, जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं। इस बार जब मेरा यहां आने का कार्यक्रम बना, तो मैं विशेष तौर पर इसे अपने साथ लेकर आया, क्योंकि खबर थी कि ठंड ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते में यादें भी हैं, दोस्ती भी है, वैल्यू भी है, और एक प्रतिबद्धता भी है। इस रिश्ते को न्यूजीलैंड की एक सुंदर परंपरा अच्छी तरह परिभाषित करती है। यहां एक शब्द सदियों से लोगों को जोड़ता आया है- वाका। इसका मतलब सिर्फ एक नाव का नाम नहीं है; यह हमारी साझा सफर की प्रतीक है। आज भारत-न्यूजीलैंड की यही वाका एक नई यात्रा पर निकलने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि हमारे सामने अवसरों से भरा खुला समुद्र है। हवाएं हमारे साथ हैं, समंदर की विशाल लहरें हमारे साथ हैं और इच्छाशक्ति का नीला आसमान हमारे साथ है। पाने को काफी कुछ है; हम सफल होंगे। मुझे इस यात्रा की सफलता पर पूरा भरोसा है, क्योंकि इसके असली नाविक मोदी नहीं, आप सभी हैं। ऑकलैंड से वेलिंग्टन तक, क्राइस्टचर्च से प्रिंस टाउन तक, न्यूजीलैंड के कोने-कोने में फैला भारतीय समुदाय इस साझा सफर का नाविक है।

पीएम मोदी ने कहा, "मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूजीलैंड सरकार के सभी साथियों और लेबर पार्टी के सभी सदस्यों का भी अभिनंदन करूंगा। यह दिखाता है कि भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों को कितना बड़ा समर्थन है। इससे यह भी पता चलता है कि किवी भारतीय समुदाय की उपलब्धि और योगदान कितनी बड़ी हैं। आप यहां आएं, कीवी इंडियन कम्युनिटी के उत्सव का हिस्सा बनें, जिससे ये समारोह और जीवंत हो गया है। आपने जिस गर्मजोशी, सस्नेह और उत्साह से हम सभी का स्वागत किया है, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।"

उन्होंने कहा कि कीवी इंडियन कम्युनिटी में भी सुपरहिट है। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर आपने क्रिस हिप्किंस (न्यूजीलैंड के विपक्ष के नेता) के साथ मिलकर दमादम मस्त कलंदर गाने पर जो डांस किया, वह काफी वायरल हुआ। आपके वह डांस कीवी इंडियन के दिलों में छप गए हैं। न्यूजीलैंड वाकई एक अद्भुत देश है। यहां शांति है, समृद्धि, प्रकृति, संस्कृति हैं। यह इसकी असली ताकत यहां के स्थानीय लोग हैं। न्यूजीलैंड के लोगों ने दिखाया है कि कोई देश जब एक जुनून और जज्बे के साथ आगे बढ़ता है तो दुनिया को प्रेरित करता है।

न्यूजीलैंड के लोगों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां जो कीवी इंडियन कम्युनिटी है, आप सभी को भी न्यूजीलैंड के दिलदार लोगों ने बहुत प्रेम से अपनाया है और अपनी टीम का हिस्सा बनाया है। आपके टैलेंट और आपके विजन पर उन्होंने भरोसा किया है। आज देखिए, न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था या समाज हो, कीवी इंडियंस नए रंग भर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, न्यूजीलैंड वह जगह है, जहां निखिल रविशंकर एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बन सकते हैं, जहां आनंद सत्यानंद गवर्नर जनरल बन सकते है, जहां न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी, एजाज पटेल जैसे भारतीय टैलेंट को अवसर मिल सकता है। न्यूजीलैंड वह जगह है, जहां की सड़कों में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है। कही खंडाला है, कहीं बॉम्बे हिल्स है, कहीं कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट, ऐसे कितने ही नाम हैं। यहां रहते रहते आप भी पूरे के पूरे कीवी हो गए। मुझे बताया गया है कि किसी भी विषय पर बात शुरू कीजिए, थोड़ी ही देर में बात मौसम पर पहुंच ही जाती है। मैं न्यूजीलैंड के नेतृत्व से भी जब भी मिला हूं, वह आप सभी की बहुत प्रशंसा करते हैं। प्रशंसा आपकी होती है और माथा मेरा ऊंचा होता है।

--आईएएनएस

केके/एएस