जीडीपी डेटा पर विपक्ष के आरोपों को लेकर पीयूष गोयल बोले, "आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता"
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। जीडीपी डेटा पर विपक्ष के आरोपों को लेकर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि आंकड़ों को एकत्रित करने की यह व्यवस्था वर्षों से चल रही है और इसमें राजनीतिक लोग शामिल नहीं होते हैं। साथ ही, कहा कि आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता है।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा कि इस तरह से आंकड़ों को लेकर नकारात्मक सोच रखना अपनेआप को छोटा करना है और यह जनता के हौसले को तोड़ने की कोशिश है, क्योंकि यह सरकार का प्रदर्शन नहीं, बल्कि इस देश के 140 करोड़ लोगों का परिश्रम और सामर्थ्य है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और अन्य इंडस्ट्री अच्छा कर रही हैं। निर्यात में भी करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनियों ने अच्छी आय बढ़ोतरी रिपोर्ट की है। यह सभी देश में मजबूत मांग होने का संकेत हैं।
वहीं, केंद्र सरकार ने भी उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के आंकड़े को अच्छा दिखाने के लिए पिछले साल की पहली तिमाही की चालू जीडीपी के आंकड़े को संशोधित करके 86 लाख करोड़ रुपए से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया गया होता तो चालू कीमतों में जीडीपी की ग्रोथ 2.6 प्रतिशत थी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर जारी बयान में कहा गया कि 2026-27 की पहली तिमाही की जीडीपी का अनुमान 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नई सीरीज के आधार पर लगाया गया है। इस कारण, इसकी तुलना 2025-26 की पहली तिमाही के 86 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े से नहीं की जा सकती, क्योंकि वह आंकड़ा पुरानी सीरीज का हिस्सा था जिसमें 2011-12 आधार वर्ष था। सही तुलना केवल 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नई सीरीज के डेटा के आधार पर निकाले गए 80 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े से ही की जा सकती है।
--आईएएनएस
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