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पीठ-गर्दन में अकड़न और गड़बड़ रहता है पेट? 'सरलमत्स्यासन' से मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए लोगों से लगातार अपील कर रहा है। मंत्रालय ने आम समस्याओं जैसे पीठ और गर्दन में लगातार अकड़न, पेट की तकलीफ के साथ पाचन संबंधी दिक्कतों के समाधान के लिए सरलमत्स्यासन के अभ्यास की सलाह दी है।
 
पीठ-गर्दन में अकड़न और गड़बड़ रहता है पेट? 'सरलमत्स्यासन' से मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए लोगों से लगातार अपील कर रहा है। मंत्रालय ने आम समस्याओं जैसे पीठ और गर्दन में लगातार अकड़न, पेट की तकलीफ के साथ पाचन संबंधी दिक्कतों के समाधान के लिए सरलमत्स्यासन के अभ्यास की सलाह दी है।

सरलमत्स्यासन या ईजी फिश पोज के रोजाना अभ्यास से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। आजकल की व्यस्त और तनावपूर्ण जिंदगी में बहुत से लोग पेट में गैस, अपच, कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा या ब्रोंकाइटिस की शिकायत भी आम हो गई है। कई लोगों को पीठ दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और गर्दन में लगातार अकड़न की समस्या भी सताती है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार इन समस्याओं से निपटने में सरलमत्स्यासन बेहद कारगर साबित हो सकता है। सरलमत्स्यासन के अभ्यास से एक-दो नहीं कई फायदे मिलते हैं। यह आसन पेट के अंगों को अच्छी तरह स्ट्रेच करता है, जिससे पाचन क्रिया मजबूत होती है और पेट संबंधी तकलीफें कम होती हैं। छाती के क्षेत्र को खोलने से सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधरती है। गर्दन के आसपास खिंचाव से थायरॉइड ग्लैंड सक्रिय रहता है। पीठ और गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे पुरानी अकड़न और दर्द में राहत मिलती है।

सरलमत्स्यासन जैसा आसान आसन घर पर भी बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है। नियमित अभ्यास से स्वस्थ उम्र बढ़ाने में मदद मिलती है और कई बीमारियों से बचाव होता है।

सरलमत्स्यासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को शरीर के नीचे रखें व हथेलियां नीचे की ओर रखें। इसके साथ ही कोहनियां अंदर की तरफ रखते हुए छाती को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा फर्श को छू सके। इस दौरान सांस सामान्य रखें। शुरुआती लोग 15-30 सेकंड तक यह आसन कर सकते हैं। धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।

योग एक्सपर्ट्स का कहना है कि योगासन सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक शांति भी देते हैं। सुबह खाली पेट या शाम को यह आसन किया जा सकता है। पीठ या गर्दन में गंभीर चोट, हर्निया या हाल ही में किसी सर्जरी वाले व्यक्ति को योग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही अभ्यास करना चाहिए।

--आईएएनएस

एमटी/एएस