पिंपरी-चिंचवाड शराब कांड : मुख्य आरोपी विरका के घर पर चलेगा नगर निगम का बुलडोजर
पुणे, 3 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी-चिंचवाड शहर को झकझोर करके रख देने वाले कथित जहरीली शराब मामले के मुख्य आरोपी गुरुमंगल सिंह कर्नल सिंह विरका की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। इस शराब कांड के मुख्य विक्रेता विरका के अवैध साम्राज्य पर अब पिंपरी-चिंचवाड नगर निगम (पीलीएमसी) बुलडोजर चलाने की तैयारी में है।
नगर निगम ने आरोपी विरका के घर पर 'अवैध निर्माण' का ठप्पा लगा दिया है। प्रशासन ने उसे एक सख्त नोटिस जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह पूरा निर्माण अवैध है, इसलिए अगले 24 घंटों के भीतर इसे खुद ही ढहा दें। अन्यथा, नगर निगम इस निर्माण को खुद जमींदोज कर देगा।
इसी के साथ नोटिस में विरका को चेतावनी दी गई कि अगर दी गई समय सीमा के भीतर आरोपी या उसके परिवार ने इस अतिक्रमण को नहीं हटाया, तो नगर निगम की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच इस घर को ढहा देगी। इस कार्रवाई का पूरा खर्च भी आरोपी से ही वसूले जाने की संभावना है।
इस जहरीली शराब कांड के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था। इसी का संज्ञान लेते हुए अब प्रशासन ने अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए यह सख्त कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब महाराष्ट्र में भी अपराधियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है।
बता दें कि 29 मई को पिंपरी-चिंचवाड इलाके में जहरीली शराब पीने की वजह से 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया, जिससे बाद पुणे पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी शामिल हैं। तीनों अधिकारी हडपसर पुलिस स्टेशन और उससे जुड़े अपराध जांच तंत्र में कार्यरत थे।
--आईएएनएस
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