फिलीपींस में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर वार्ता
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस) फिलीपींस के सेबू में 13वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) की आयोजित की जा रही है। बुधवार को इस बैठक से इतर भारत और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रियों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के बढ़ते दायरे की समीक्षा की और सैन्य तकनीकों को मिलकर विकसित करने के तरीकों पर विचार किया। इसके साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
रक्षामंत्री राजनाथ ने बताया कि बैठक के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल के साथ उपयोगी बातचीत हुई। चर्चा का मुख्य जोर दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने, नई सैन्य तकनीकों के संयुक्त विकास की संभावनाएं तलाशने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आपसी तालमेल मजबूत करने पर रहा।
रक्षा सहयोग के तहत सैन्य तकनीकों का संयुक्त विकास दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा संबंधों को विस्तार देने की संभावनाओं पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। मई 2026 में सियोल में हुई द्विपक्षीय वार्ता में भी दोनों देशों ने रक्षा उद्योग, सैन्य उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
सेबू में हुई ताजा बैठक इसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम बातचीत रही। दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के लिए फिलीपींस में हैं। इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर चर्चा हो रही है । इसके साथ ही भारत, बैठक में शामिल देशों के साथ रक्षा संबंधों की समीक्षा तथा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे रहा है। दरअसल एडीएमएम-प्लस क्षेत्र में रक्षा और रणनीतिक मामलों पर विचार-विमर्श का प्रमुख मंच है।
भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नीति के तहत भारत आसियान देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देता है। अपने दौरे में राजनाथ सिंह विभिन्न भागीदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं।
इन बैठकों में भारत के मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की जा रही है और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के अवसरों पर विचार हो रहा है। एडीएमएम-प्लस क्षेत्रीय देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है। इसमें भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।
--आईएएनएस
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