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पहलगाम हमले की बरसी, इजरायली दूत बोले- आतंक के खिलाफ हम भारत के साथ

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पहलगाम टेरर अटैक की बुधवार को पहली बरसी है। साल भर पहले इसी दिन 26 बेगुनाहों की सीमा पार से आए आतंकियों ने जान ले ली थी। पहली बरसी पर भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दावा किया कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में उनका देश भारत के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।
 
पहलगाम हमले की बरसी, इजरायली दूत बोले- आतंक के खिलाफ हम भारत के साथ

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पहलगाम टेरर अटैक की बुधवार को पहली बरसी है। साल भर पहले इसी दिन 26 बेगुनाहों की सीमा पार से आए आतंकियों ने जान ले ली थी। पहली बरसी पर भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दावा किया कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में उनका देश भारत के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अजार ने एक वीडियो क्लिप जारी की, जिसमें पहलगाम टेरर अटैक में 26 बेगुनाह लोगों की दुखद मौत पर अफसोस जताया गया है। उन्होंने कहा, "बुधवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले को एक साल हो गए हैं। यहां 26 बेगुनाहों की जान ले ली गई। पीड़ित परिजनों और भारत के लोगों को इजरायल की ओर से मैं सांत्वना प्रेषित करता हूं। दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ खड़े हैं।"

अजार ने इजरायल पर हुए हमास के सरप्राइज अटैक का जिक्र करते हुए आगे कहा, " इजरायल में रहने वाले हम लोग इस दर्द से अनभिज्ञ नहीं हैं। 7 अक्टूबर (2023) को हमने भी इसी किस्म की बर्बरता का सामना किया।"

इजरायली दूत के अनुसार, ये हमले बताते हैं कि "आतंक किसी बॉर्डर (सीमा) को नहीं मानता। हमारा और आपका दुख साझा है। भारत-इजरायल आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ने को तत्पर हैं। इस खतरे का सामना करने के लिए हम दोनों पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। ये हमारा संकल्प भी है और दृढ़ निश्चय भी!"

बता दें कि 22 अप्रैल 2025 में छुट्टियां मनाने पहलगाम के बैसरन घाटी गए टूरिस्ट्स को चुन-चुन कर गोलियों से भून दिया गया था। सीमा पार से आए आतंकियों ने ये घिनौना काम किया था। भारत ने इसे काफी गंभीरता से लेते हुए करारा जवाब दिया था।

हमले के 15 दिन बाद 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर नाम से एयर स्ट्राइक की। इसके तहत पाकिस्तान में घुस कर सेना ने नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। हमले में 100 से ज्यादा दहशतगर्द मारे गए। बाद में पाकिस्तान ने भी भारतीय कार्रवाई की बात स्वीकार की थी।

--आईएएनएस

केआर/