पहले शिक्षा मंत्री का हो इस्तीफा फिर होगी नीट पर चर्चा : खड़गे
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राज्यसभा में नीट परीक्षा मुद्दे पर चर्चा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जहां संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि पहले सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले उसके बाद ही यह चर्चा शुरू हो सकती है।
राज्यसभा में नीट परीक्षा विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से नहीं भाग रहा है, बल्कि शुरू से ही चर्चा के लिए तैयार है।
खड़गे ने सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपसे विनम्रतापूर्वक आग्रह करता हूं कि सरकार आगे आए और इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दे। हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और उनका इस्तीफा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट विवाद के कारण देशभर में हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं। कई छात्र और उनके परिवार गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं तथा अनेक परिवार परेशान हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार को सबसे पहले छात्रों की स्थिति और उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम शुरू से चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन शिक्षा इस्तीफा जरूर होना चाहिए और जब तक इस्तीफा नहीं दिलाया जाएगा, तब तक चर्चा शुरू नहीं होगी।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर संसद के दोनों सदनों में लगातार गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
दरअसल, विपक्ष ने सरकार के समक्ष यह मांग रखी है कि गृह मंत्री दोनों सदनों में विस्तृत वक्तव्य दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज तथा विपक्षी नेताओं के साथ हुई इस कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही यह भी बताएं कि दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस गतिरोध का असर संसद की कार्यवाही पर भी दिख रहा है। गुरुवार को लगातार चौथे दिन राज्यसभा की करवाई बाधित रही। यहां चौथे दिन भी लगातार प्रश्नकाल व शून्यकाल की करवाई हंगामे के कारण स्थगित करनी पड़ी।
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