पहले 'जस्टिस मिशन 2025', फिर नए साल पर जिनपिंग के तेवर पर ताइवान ने दिया मुंहतोड़ जवाब
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। चीन ने हाल ही में ताइवान के इर्द-गिर्द 'जस्टिस मिशन 2025' अभियान चलाया। नए साल के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भाषण में तल्ख तेवर दिखाते हुए हर हाल में चीन में विलय होने की बात कही है। इन सबके बीच ताइवान अलर्ट मोड पर है।
ताइवान के कोस्ट गार्ड ने बताया कि उनका इमरजेंसी समुद्री रिस्पॉन्स सेंटर काम करता रहा और चीनी नेवी की हरकतों पर नजर बनाए हुए है। ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सेना इमरजेंसी के उपाय जारी रखेगी, क्योंकि चीनी विमान और जहाज आसपास ही हैं।
वहीं, शी जिनपिंग की ओर से किए गए बयानबाजी के बाद ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने गुरुवार को कहा कि द्वीप अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पक्का इरादा रखता है। राष्ट्रपति लाई ने ताइपे में प्रेसिडेंट ऑफिस से नए साल के मौके पर लाइव ब्रॉडकास्ट किए गए भाषण में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि ताइवान के लोगों में अपनी रक्षा करने का पक्का इरादा है या नहीं।
बता दें कि चीन ने ताइवान के चारों ओर मिलिट्री ड्रिल 'जस्टिस मिशन 2025' किया। इसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान किसी भी कीमत पर चीन में विलय होकर रहेगा। हाल ही में ताइवान और अमेरिका के बीच रिकॉर्ड 11.1 बिलियन डॉलर का आर्म्स पैकेज डील हुआ है। इस डील के ऐलान के 11 दिन बाद से चीन की बौखलाहट नजर आ रही है।
जस्टिस मिशन 2025 के दौरान चीन की सेना ने पहली बार कहा कि ड्रिल का मकसद बाहरी दखल को रोकना है। जिनपिंग ने कहा, “ताइवान स्ट्रेट के दोनों तरफ रहने वाले हम चीनी लोगों के बीच खून और रिश्तेदारी का रिश्ता है। हमारी मातृभूमि का फिर से एक होना, जो आजकल का ट्रेंड है, उसे रोका नहीं जा सकता।"
हांगकांग और मकाऊ के बारे में शी ने कहा कि एक देश, दो सिस्टम की पॉलिसी को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए और दो स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन को देश के ओवरऑल डेवलपमेंट में बेहतर तरीके से इंटीग्रेट करने और लंबे समय तक खुशहाली और स्थिरता बनाए रखने के लिए समर्थन किया जाना चाहिए।
बता दें कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने 'जस्टिस मिशन 2025' अभ्यास शुरू किया था। इसके तहत ताइवान के आसपास के क्षेत्र में थल सेना, वायु सेना और तोपखाने की यूनिट को तैनात कर अभ्यास किया गया। इसके साथ ही लाइव फायर ड्रिल भी किया गया।
चीन ने आइलैंड के चारों ओर संयुक्त सैन्य अभ्यास किया, जिसे जस्टिस मिशन 2025 नाम दिया गया। मिलिट्री ड्रिल करने के लिए चीन ने वायु, जल और तोपखाने सेना को तैनात किया।
2022 के बाद चीन का यह बड़ा सैन्य अभ्यास है। चीन इस अभ्यास के साथ ही अपनी बौखलाहट दुनिया को दिखा रहा है। चीन ने ताइवान के चारों ओर फोर्स को तैनात किया है, जिसमें लाइव फायर ड्रिल और ब्लॉकड शामिल हैं।
--आईएएनएस
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