पत्नी दिव्यांका की प्रेग्नेंसी की खबर सुन घबरा गए थे विवेक दहिया, बोले- 'जिम्मेदारी का एहसास होते ही टेंशन होने लगी'
मुंबई, 17 मई (आईएएनएस)। टीवी इंडस्ट्री के पसंदीदा कपल विवेक दहिया और दिव्यांका त्रिपाठी इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खास दौर से गुजर रहे हैं। दोनों जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं। इस कड़ी में आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में विवेक दहिया ने उस एहसास के बारे में बताया, जब उन्हें पहली बार दिव्यांका की प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला था। उन्होंने बताया कि उनकी पहली प्रतिक्रिया खुशी नहीं, बल्कि घबराहट थी।
आईएएनएस से बात करते हुए विवेक ने कहा, ''पिता बनने की खबर सुनते ही मुझे अचानक जिंदगी की बड़ी जिम्मेदारियों का एहसास होने लगा। यह पल जरूर खूबसूरत था, लेकिन इसके साथ एक टेंशन भी जुड़ी हुई थी। मन में सबसे पहले यही ख्याल आया कि अब जिंदगी पूरी तरह बदलने वाली है। अब केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि एक नई जिंदगी के बारे में भी सोचना होगा।''
उन्होंने कहा, ''शुरुआत में मैं बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं था, क्योंकि जिम्मेदारी का एहसास मेरे ऊपर हावी हो गया था। मेरे अंदर कुछ समय तक काफी घबराहट थी। हालांकि धीरे-धीरे मैंने खुद को समझाया कि हर इंसान इस तरह की खबर पर अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। किसी को तुरंत खुशी महसूस होती है तो किसी को पहले जिम्मेदारी का दबाव महसूस होता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि मैं खुश नहीं हूं। दरअसल, मैं और दिव्यांका लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे। हम हमेशा से माता-पिता बनना चाहते थे।''
विवेक ने आगे कहा, ''कुछ दिनों बाद जब यह एहसास धीरे-धीरे मेरे अंदर बैठने लगा, तब मुझे इस नए सफर की खूबसूरती समझ आने लगी। यह जिंदगी का बेहद खास दौर है। मुझे हमेशा याद रहेगा कि पहली बार यह खबर सुनकर मैं कितना घबरा गया था।''
अपने और दिव्यांका के रिश्ते में आए बदलाव को लेकर भी विवेक ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ''पिछले कुछ महीनों में हमारे रिश्ते में काफी परिपक्वता आई है। अब हम दोनों पहले से ज्यादा समझदारी से चीजों को देखते हैं। लोग अक्सर कहते हैं कि बच्चे के आने के बाद पति-पत्नी का हनीमून फेज खत्म हो जाता है, लेकिन इसका असली मतलब यह होता है कि जिंदगी की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। पहले जिन छोटी-छोटी बातों पर बहस हो जाती थी, अब वे बातें उतनी बड़ी नहीं लगतीं।''
उन्होंने कहा, ''जब जिंदगी में एक बच्चे की जिम्मेदारी आने वाली होती है, तब इंसान खुद-ब-खुद ज्यादा समझदार हो जाता है। रिश्ते में भी एक अलग तरह का अपनापन आ जाता है। अब मैं और दिव्यांका छोटी परेशानियों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, क्योंकि हमारे सामने आने वाला नया जीवन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।''
विवेक ने अपनी निजी आदतों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''मुझे हमेशा से स्पोर्ट्स बाइक का बहुत शौक रहा है। पहले मैं बिना ज्यादा सोचे तेज बाइक चलाता था और इसे सिर्फ अपने शौक के तौर पर देखता था। लेकिन अब मेरे सोचने का तरीका बदल गया है। अब बिना किसी के समझाए ही मैं खुद ज्यादा सावधानी बरतने लगा हूं।''
--आईएएनएस
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