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पटना: रौशन आनंद को जमानत के बाद खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर अचानक बंद, छात्र हुए परेशान

पटना, 15 जून (आईएएनएस)। ज्ञान बिंदू जीएस अकादमी के निदेशक रौशन आनंद को जमानत मिलने के बाद पटना में अचानक खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर को बंद किया गया है। सूचना नहीं मिलने पर खान कोचिंग सेंटर के कई छात्र वहां पहुंचे, लेकिन कोचिंग बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा है। छात्रों का कहना है कि यह विवाद पूरी तरह खत्म होना चाहिए।
 
पटना: रौशन आनंद को जमानत के बाद खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर अचानक बंद, छात्र हुए परेशान

पटना, 15 जून (आईएएनएस)। ज्ञान बिंदू जीएस अकादमी के निदेशक रौशन आनंद को जमानत मिलने के बाद पटना में अचानक खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर को बंद किया गया है। सूचना नहीं मिलने पर खान कोचिंग सेंटर के कई छात्र वहां पहुंचे, लेकिन कोचिंग बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा है। छात्रों का कहना है कि यह विवाद पूरी तरह खत्म होना चाहिए।

एक छात्र दानिश ने बताया कि उन्होंने मैसेज मोबाइल फोन बंद होने की वजह से नहीं देख पाए। कोचिंग सेंटर आने पर बंद की जानकारी मिली। अन्य छात्र भी, जिन्होंने मैसेज नहीं देखा, वे भी यहां आ रहे हैं। छात्र ने कहा कि यह जानकारी दी गई कि कोचिंग को क्यों बंद रखा गया है।

छात्र ने यह भी कहा कि ये कोचिंग संचालकों का विवाद जल्द खत्म होना चाहिए, जिससे उनके पढ़ाई में परेशानी न हो सिलेबस पीछे होता जा रहा है। सभी यहां तेज धूप में पढ़ने के लिए आते हैं, मगर विवाद के कारण पढ़ाई प्रभावित होने से उन्हें नुकसान है।

छात्र दानिश ने बताया कि रौशन सर को भी जमानत मिली है, जो जरूरी था, क्योंकि भाई का निधन हुआ है। उसने आगे कहा, "खान सर और रौशन सर दोनों अपनी जगह अच्छे हैं। शिक्षकों को विवादों में नहीं पड़ना चाहिए। उम्मीद है कि यह विवाद जल्द समाप्त होगा। सभी छात्र भी यही चाहते हैं।"

बता दें कि यह मामला चर्चित शिक्षक फैजल खान के कोचिंग संस्थान के बाहर कथित फायरिंग और झड़प से जुड़ा हुआ है। इसी घटना के बाद रौशन आनंद को आरोपी बनाया गया था और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वे पिछले कुछ समय से न्यायिक हिरासत में थे।

रौशन आनंद को सोमवार को पटना सिविल कोर्ट ने जमानत दे दी। रौशन आनंद की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले में पुलिस ने अनावश्यक रूप से गंभीर धाराएं लगाई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को शामिल किया, जबकि घायल व्यक्तियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी और चोटें केवल सामान्य प्रकृति की थीं।

--आईएएनएस

डीसीएच/