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पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति दयनीय: आशिम कुमार घोष

कोलकाता, 1 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के राज्यपाल आशिम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दयनीय दशा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वहां की सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में सुरक्षित नहीं है, बल्कि यह कहना ज्यादा मुनासिब रहेगा कि मौजूदा नेतृत्व राज्य में हिंदू समुदाय के लोगों को एक रक्षात्मक माहौल प्रदान करने में पूरी तरह असमर्थ है।
 
पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति दयनीय: आशिम कुमार घोष

कोलकाता, 1 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के राज्यपाल आशिम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दयनीय दशा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वहां की सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में सुरक्षित नहीं है, बल्कि यह कहना ज्यादा मुनासिब रहेगा कि मौजूदा नेतृत्व राज्य में हिंदू समुदाय के लोगों को एक रक्षात्मक माहौल प्रदान करने में पूरी तरह असमर्थ है।

आशिम कुमार घोष ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की जो स्थिति बनी हुई है। अगर सरकार ने सही समय पर सही कदम उठाया होता तो प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं बनती।

हरियाणा के राज्यपाल ने आध्यात्मिक गुरु राम कृष्ण देव स्वामी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने समस्त मानवजाति को एक स्थायी मूल्य प्रदान किया है, जिसने पूरी मानवजाति को एक ठोस दिशा दी है।

आशिम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति को दयनीय बताते हुए कहा कि राज्य के सभी लोगों को एकजुट होकर पूरी स्थिति का सामना करना होगा और हमें पूरा विश्वास है कि हम इस दिशा में आज तो नहीं तो कल जरूर विजयी मिलेगी। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमें इस अंधकार का सामना करने के लिए साहस प्रदान करें।

राज्यपाल आशिम कुमार घोष ने कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो आगामी दिनों में ऐसी स्थिति उत्पन्न करें ताकि आगे चलकर सभी समुदाय के लोग यहां पर सुरक्षित वातावरण की अनुभूति प्राप्त कर सके। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में स्थिति बेहतर होगी। इस दिशा में पूरा तंत्र सक्रिय है।

इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्राचीन संस्कृति को फिर से बहाल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में फिर से प्राचीन संस्कृति को बहाल करना होगा। हमारी प्राचीन संस्कृत के तहत हमेशा से ही रचनात्मकता पर जोर दिया गया है। इससे हमारी संस्कृति को नया आगामी आगामी दिनों में जरूर मिलेगा। लिहाजा हमें इसे प्राथमिकता की सूची में शुमार करना होगा।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी