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पश्चिम बंगाल में बाइबल सम्मेलन पर हमले की सीबीसीआई ने की निंदा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में आयोजित एक शांतिपूर्ण बाइबल सम्मेलन के दौरान हुए कथित हमले और व्यवधान की कड़ी निंदा की है। संगठन ने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
 

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में आयोजित एक शांतिपूर्ण बाइबल सम्मेलन के दौरान हुए कथित हमले और व्यवधान की कड़ी निंदा की है। संगठन ने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

सीबीसीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, कृष्णानगर डायोसीज के अंतर्गत स्थित डिवाइन लव रिट्रीट सेंटर, जलालखाली में 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक वार्षिक संताली मेगा बाइबल कन्वेंशन रिट्रीट का आयोजन किया गया था।

संगठन का दावा है कि यह चार दिवसीय कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन था और इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां पहले से ली गई थीं। पुलिस सुरक्षा के लिए भी औपचारिक अनुरोध किया गया था।

बयान में कहा गया कि 9 अक्टूबर की शाम को सेंट लुइस पैरिश चर्च के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कथित तौर पर लाउडस्पीकर के माध्यम से 'जबरन धर्मांतरण' का आरोप लगाते हुए संदेश प्रसारित किए गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सीबीसीआई का आरोप है कि इसके बाद भीड़ ने चर्च विरोधी नारे लगाए, चर्च की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और परिसर की सुरक्षा कर रहे लोगों के साथ मारपीट की। संगठन ने कहा कि इस घटना से पादरियों, धार्मिक कर्मियों और रिट्रीट में शामिल लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया।

सीबीसीआई ने कहा कि किसी चर्च या निजी परिसर में प्रार्थना के लिए शांतिपूर्वक एकत्र हुए लोगों पर हमला करना धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन है।

संगठन ने पश्चिम बंगाल सरकार से मांग की कि शांति भंग करने और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि ईसाई समुदाय और उनके संस्थान बिना किसी डर के अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सकें।

सीबीसीआई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है, ताकि सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

अपने बयान के अंत में संगठन ने कहा कि चर्च हमेशा शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम