बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान को राजनेताओं ने जनता की बदलाव की इच्छा बताया
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दोनों राज्यों में औसतन 84 से 92 प्रतिशत तक वोटिंग हुई, जिसे राजनीतिक दलों ने जनता की भारी भागीदारी और बदलाव की इच्छा के रूप में देखा है।
कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रात्य बसु ने मतदान प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने बंगाल में जिस तरह की केंद्रीय सेना तैनात की है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने डीजी को बदल दिया है, पुलिस कमिश्नर को बदल दिया है, एडीजी (कानून-व्यवस्था) को बदल दिया है और इस तरह की केंद्रीय सेना बुलाई है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है, चुनाव आयोग इसका ध्यान रखेगा।"
मुर्शिदाबाद से आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, "मेरा मानना है कि मुर्शिदाबाद में हम 10 सीटें जीतेंगे। मेरी दोनों सीटें 70,000 से 80,000 वोटों के अंतर से जीती जाएंगी।"
दिल्ली में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री बंगाल में यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि वहां बहुत भ्रष्टाचार है। लेकिन वहां के लोग इसे मानने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि लोग उसी बात पर भरोसा करेंगे जो वे हर दिन देखते हैं। वहां की सरकार ने जमीनी स्तर पर बहुत काम किया है। उन्होंने कमजोर और गरीब लोगों के उत्थान के लिए बहुत कुछ किया है। तो लोग इसे कैसे भूल सकते हैं?"
सरगुजा (छत्तीसगढ़) में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने दोनों राज्यों के चुनावी परिदृश्य पर अपनी राय रखते हुए कहा, "मैं यह देखना चाहूंगा और मेरा यह भी मानना है कि तमिलनाडु में डीएमके सत्ता में आएगी और पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार बनाएगी। उन्हें सत्ता में आना चाहिए और मेरा मानना है कि वे ऐसा करेंगे।"
उन्होंने जहाजों पर ईरान के हमलों के वैश्विक प्रभाव पर भी बात की। उन्होंने कहा, "वैश्विक आर्थिक प्रभाव को देखते हुए प्रभावशाली देश ईरान पर स्थिति को शांत करने का दबाव डाल रहे हैं। हालात सामान्य करने के लिए अमेरिका के साथ भी बातचीत चल रही है।"
ईडी की कार्रवाई पर मुंबई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के मामले में टी.एस. सिंह देव ने कहा, "यह एक ही सिक्के का दूसरा पहलू है। जिस तरह पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ ईडी के दुरुपयोग के आरोप लगे थे, ठीक उसी तरह महाराष्ट्र में भी कथित तौर पर राजनीतिक दबाव बनाने और फायदा उठाने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया गया, जैसा कि कांग्रेस और अन्य पार्टियां लगातार कहती आ रही हैं।"
--आईएएनएस
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