'इको-एजुकेशनल हब' के शुभारंभ पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'यह अद्भुत किस्म का प्रयोग'
लखनऊ, 8 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पर्यावरण शिक्षा केंद्र के शुभारंभ के बारे में अपनी बात रखी। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यहां के सभी फैकल्टी ने मिलकर एक अद्भुत किस्म का प्रयोग किया है। इसे देश में 'इको-एजुकेशनल हब' के प्रयोग के रूप में देखा जा सकता है। इसे संस्कृति, विज्ञान और कला के मिश्रण के रूप में देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इसमें हर पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को रूचि लेने का मौका मिलेगा। आगामी दिनों में छात्र चाहे तो यहां पर आकर शोध भी कर सकते हैं और पर्यटक इसका आनंद भी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें राज्य से जुड़े विभिन्न प्रकार के पौधे भी लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यहां पर 52 स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा के बारे में बताते हुए एक बॉटनिकल गार्डन भी बनाया गया है, जिसमें उनकी पूरी जीवन यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है कि उनके जीवन का सफर कैसा रहा है। आज यह भी विचार किया गया है कि आगामी दिनों में दूसरे विश्वविद्यालय के साथ मिलकर यहां पीएचडी जैसे कोर्स की भी व्यवस्था की जाएगी, जिसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि आप सभी लोगों को याद होगा कि इसी इंस्टीट्यूट में 107 पत्तों के कमल के फूल का ईजाद हुआ था और यह फूल आगे चलकर इतना लोकप्रिय हुआ कि 'कौन बनेगा करोड़पति' के शो में एक महिला प्रतियोगी से इस संबंध में सवाल भी किया गया था। वहीं, प्रतियोगी की ओर से इस बारे में जवाब दिए जाने पर इनाम भी दिया गया था।
उन्होंने कहा कि आज हम इन सभी कामों को पूरा कर पा रहे हैं, तो इसकी सीधी वजह यह है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हमारा हमेशा साथ दिया है। यह उसी का नतीजा है कि आज हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में यहां पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें कई लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने हमें यह जिम्मेदारी दी है कि विज्ञान का प्रचार इस तरह से होना चाहिए कि इसके बारे में छोटे से छोटे कस्बों में भी लोगों को जानकारी होनी चाहिए। हम उसी भाव के साथ मौजूदा समय में काम कर रहे हैं।
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