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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार को घेरा

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से पंजाब सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल खड़े किए हैं।
 

चंडीगढ़, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से पंजाब सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सवाल खड़े किए हैं।

मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "डॉ. निर्मल ओसेप्पाचन ने कथित तौर पर एडीसी (जनरल), मनसा के रूप में कार्य करते हुए अश्विनी कुमार को हथियार लाइसेंस जारी किया। कथित तौर पर अधिकारी को बाद में मुख्य सचिव का ओएसडी क्यों नियुक्त किया गया? क्या गुरु दोखी के चीफ सेक्रेटरी टोपी सिन्हा के ओएसडी ने शहीद परविंदर झोटे के हत्यारे अश्वनी को हथियार का लाइसेंस दिया था? पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा के चहेते ओएसडी डॉ. निर्मल उसेपच्चन ने एडीसी मानसा रहते हुए गुरु दोखी अश्वनी कुमार का हथियार का लाइसेंस बनाया था।"

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच पंजाब सरकार की ओर से सीबीआई को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी गई। सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "हम नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परमिंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग का सम्मान करते हुए हम यह मामला सीबीआई को सौंप रहे हैं।"

पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग तस्करों के खिलाफ उसकी लड़ाई पूरे दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगी। उन्होंने आगे कहा, "ड्रग तस्करों के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक है। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जो भी कड़े कदम उठाने जरूरी होंगे, हम उनसे पीछे नहीं हटेंगे।"

ड्रग तस्करी और इससे जुड़ी हिंसा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गृह मंत्री शाह पंजाब का दौरा कर रहे हैं। मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की मौत ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम