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'परिवर्तन' स्कीम ने पकड़ी रफ्तार, डेढ़ महीने में 1,300 से ज्यादा ट्रक-बस मालिकों ने कराया रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'परिवर्तन' स्कीम ने रफ्तार पकड़ ली है। योजना शुरू होने के डेढ़ महीने के भीतर ही 1,300 से ज्यादा लाभार्थियों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
 

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'परिवर्तन' स्कीम ने रफ्तार पकड़ ली है। योजना शुरू होने के डेढ़ महीने के भीतर ही 1,300 से ज्यादा लाभार्थियों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 जून को 'परिवर्तन' (ट्रांसपोर्ट से होने वाले वायु प्रदूषण और नेटवर्क उत्सर्जन को कम करने के लिए वाहन संपत्तियों के तेजी से नवीनीकरण और प्रोत्साहन का कार्यक्रम) स्कीम को मंजूरी दी थी।

इस स्कीम का मकसद दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) और हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में रजिस्टर्ड भारत स्टेज (बीएस)-4 या उससे पुराने उत्सर्जन नियमों वाले 2 लाख से ज्यादा ट्रकों और बसों को बीएस-4 या उससे सख्त नियमों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना है।

इस स्कीम के लिए फंडिंग आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) से मिल रही है और इसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय लागू कर रहा है।

स्कीम का कुल वित्तीय परिव्यय 9,585 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र सरकार से 5,041 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता शामिल है। योजना के तहत नए बीएस-6 या उससे सख्त नियमों वाले डीजल या सीएनजी वाहन, या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले योग्य लाभार्थियों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

इसमें 5 साल तक योग्य वाहन लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज की बचत, 10 साल की अवधि के लिए 100 प्रतिशत रोड टैक्स माफी और रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी माफी शामिल है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों ने इस संबंध में पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं।

इसके अलावा भाग लेने वाले ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) से एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8 प्रतिशत की छूट और बीएस-6 डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने वालों के लिए पांच साल तक वाहन की श्रेणी के आधार पर 1,200 से 4,800 रुपए तक के मासिक फ्यूल वाउचर, या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए 64,000 से 2.56 लाख रुपए तक का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

यह स्कीम 14 जुलाई 2026 को शुरू की गई थी। 27 अगस्त 2026 तक, 'परिवर्तन' पोर्टल पर 1,300 से ज्यादा लाभार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। फाइनेंसिंग में मदद के लिए 42 बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) को गाड़ी के लोन पर ब्याज में छूट देने के लिए शामिल किया गया है।

वहीं, इंडस्ट्री की तरफ से पात्र लाभार्थियों को छूट देने के लिए 15 ऑटो ओईएम के साथ समझौते (एमओयू) किए गए हैं। योजना के तहत मिलने वाले फायदों और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में दिल्ली-एनसीआर में पात्र गाड़ी मालिकों तक पहुंचने के लिए कई तरह से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में फ्यूल स्टेशनों, ट्रांसपोर्ट नगरों, टोल प्लाजा और रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसों (आरटीओ) पर आउटडोर पब्लिसिटी भी शामिल है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम