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परिसीमन से दक्षिणी राज्यों की बढ़ेगी ताकत, भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के आरोपों का विस्तृत जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत के राज्यों की राजनीतिक ताकत घटेगी नहीं, बल्कि और मजबूत होगी। साथ ही, विपक्ष को यह नसीहत दी कि भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए।
 
परिसीमन से दक्षिणी राज्यों की बढ़ेगी ताकत, भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के आरोपों का विस्तृत जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत के राज्यों की राजनीतिक ताकत घटेगी नहीं, बल्कि और मजबूत होगी। साथ ही, विपक्ष को यह नसीहत दी कि भ्रांति नहीं फैलानी चाहिए।

संसद में सदस्यों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश की वर्तमान 25 सीटें, जो अभी 4.60 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देती हैं, बढ़कर 38 सीटें हो जाएंगी और उनकी हिस्सेदारी 4.65 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इसी तरह तेलंगाना की 17 सीटें, जिनकी मौजूदा क्षमता 3.13 प्रतिशत है, बढ़कर 26 हो जाएंगी और 3.18 प्रतिशत हो जाएंगी। केरल की 20 सीटें, जो अभी 3.68 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देती हैं, बढ़कर 30 हो जाएंगी और लगभग 3.67 प्रतिशत बनी रहेंगी, जबकि कर्नाटक की 28 सीटें 5.15 प्रतिशत से बढ़कर 42 सीटें हो जाएंगी और 5.14 प्रतिशत के आसपास रहेंगी।

तमिलनाडु को लेकर अमित शाह ने कहा कि वहां की 39 सीटें, जिनकी वर्तमान क्षमता 7.18 प्रतिशत है, बढ़कर 59 हो जाएंगी और उनकी हिस्सेदारी 7.23 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, जिससे राज्य को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत को लेकर जो नैरेटिव फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है, क्योंकि वर्तमान में 543 सदस्यीय लोकसभा में दक्षिण के 129 सांसद हैं, जो 23.76 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं, जबकि परिसीमन के बाद यह संख्या बढ़कर 195 हो जाएगी और हिस्सेदारी 23.87 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, यानी स्पष्ट रूप से दक्षिण की शक्ति में वृद्धि होगी।

गृह मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है और वर्तमान में जो जनगणना प्रक्रिया चल रही है, वह इसी आधार पर हो रही है, इसलिए इस मुद्दे पर किसी तरह का भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन आयोग से संबंधित कानून पहले की तरह ही है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रक्रिया का मौजूदा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

--आईएएनएस

पीएसके