परीक्षा सुधार के मुद्दे पर युवाओं से मुखातिब हुए सीएम हेमंत सोरेन, बोले- अब तक 8,500 से अधिक सुझाव मिले
रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में 19 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परीक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर एक बार फिर युवाओं से सोशल मीडिया के जरिए मुखातिब हुए हैं। मंगलवार शाम उन्होंने युवा साथियों को संबोधित करते हुए एक पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया कि ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के तहत अब तक 8,500 से अधिक युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव दिए हैं।
सीएम हेमंत सोरेन ने पिछले तीन दिनों में युवाओं को संबोधित करते हुए तीसरा पोस्ट लिखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं से ओएमआर, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और जेपीएससी सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे में जरूरी सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है। सरकार वर्तमान चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो।
मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं से अपने सुझाव देना जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि कि एक सुझाव केवल आज की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार राज्य सरकार का अकेला प्रयास नहीं होगा। इसमें झारखंड के युवाओं की जनभागीदारी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों को सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा बनाना चाहती है।
बता दें कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में 19 दिनों से छात्र आंदोलन चल रहा है। छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ विवादित परीक्षाओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है।
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