Aapka Rajasthan

परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं, सीबीआई जांच के बिना छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा: बाबूलाल मरांडी

रांची, 18 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है। छात्र परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं और इसके बिना उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल सकता।
 

रांची, 18 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है। छात्र परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं और इसके बिना उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल सकता।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों को दिग्भ्रमित करने के लिए कैबिनेट में परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ परीक्षा रद्द करने का श्रेय लेना चाहती है और दूसरी तरफ मामले को अदालत में ले जाकर न्यायिक प्रक्रिया के पीछे छिपने की कोशिश कर सकती है।

मरांडी ने कहा, "बच्चों की एक ही मांग रही है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। आखिर सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है?" उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी और नौकरियों की खरीद-फरोख्त में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच होने पर ही कथित पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थी अदालत का रुख कर सकते हैं। ऐसे में अदालत सरकार और जांच एजेंसी से गड़बड़ी के साक्ष्य मांग सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मौजूदा जांच एजेंसी ही अदालत में रिपोर्ट पेश करती है तो पहले की जांच में सामने आए सवालों के कारण छात्रों के सामने फिर परेशानी खड़ी हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने नेपाल, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न स्थानों पर अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराए जाने और तैयारी कराए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आम अभ्यर्थियों के लिए साक्ष्य जुटाना मुश्किल है, इसलिए किसी स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराना जरूरी है।

मरांडी ने जेएसएससी के अध्यक्ष और पूर्व जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जांच का दायरा सीमित रखकर अपने लोगों और कथित बिचौलियों को बचाने की कोशिश कर रही है। मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य सरकार की साझेदार है, इसलिए वह छात्र हितों के मुद्दे पर प्रभावी आवाज नहीं उठा रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा अब सरकार की मंशा को समझ चुके हैं। उन्होंने छात्रों से सीबीआई जांच की मांग पर अडिग रहने की अपील की। मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं होता, तब तक उनकी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी