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पनामा समेत दिग्गज देशों से होगा भारतीय फुटबॉल टीम का सामना, मगर सुनील छेत्री को इस बात का मलाल

कोलकाता, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम, फीफा मेंस इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान पनामा के खिलाफ एक 'दोस्ताना मैच' की मेजबानी करने जा रही है। इसके बाद भारतीय टीम इस साल उरुग्वे, ब्राजील और न्यूजीलैंड का सामना करेगी। पूर्व कप्तान सुनील छेत्री इससे बेहद खुश हैं, लेकिन उन्हें इसका भी मलाल है कि लगभग 2 दशकों के करियर में उन्हें खुद ऐसा मौका नहीं मिल सका।
 

कोलकाता, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम, फीफा मेंस इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान पनामा के खिलाफ एक 'दोस्ताना मैच' की मेजबानी करने जा रही है। इसके बाद भारतीय टीम इस साल उरुग्वे, ब्राजील और न्यूजीलैंड का सामना करेगी। पूर्व कप्तान सुनील छेत्री इससे बेहद खुश हैं, लेकिन उन्हें इसका भी मलाल है कि लगभग 2 दशकों के करियर में उन्हें खुद ऐसा मौका नहीं मिल सका।

सितंबर में होने वाला यह मुकाबला फिलहाल 2026 में वर्ल्ड कप खेलने वाली टीमों के खिलाफ भारत के चार निर्धारित मुकाबलों में पहला होगा। इसके बाद भारतीय टीम 3 अक्टूबर को ब्राजील का सामना करेगी, जिसके बाद 6 अक्टूबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम (कोलकाता) में उरुग्वे का सामना करने के बाद 12 और 15 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले खेलेगी।

भारत के पूर्व फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री ने शनिवार को पत्रकारों से कहा, "मैं सच में बहुत खुश हूं और थोड़ी जलन भी हो रही है कि ये हमारे लड़के ब्राजील, उरुग्वे और पनामा के खिलाफ खेलने जा रहे हैं। अपने 24-26 साल के प्रोफेशनल करियर और नेशनल टीम के साथ 20 वर्षों में मुझे कभी ऐसा मौका नहीं मिला, इसलिए मुझे थोड़ी जलन महसूस हो रही है। मुझे उम्मीद है कि हम इन लड़कों को जितना हो सके उतना फिट बना पाएंगे। मुझे पूरा यकीन है कि सभी लड़के इस गेम में शामिल होने के लिए बहुत मेहनत करेंगे। मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वे इन गेम्स से सबसे अच्छा अनुभव हासिल कर पाएं; यह एक शानदार अनुभव होगा।"

इसके साथ ही नेपाल में आई भयंकर बाढ़ पर भारत के पूर्व फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री ने कहा, "यह बहुत भयावह है। मेरे कई जानने वाले नेपाल में रहते हैं। अच्छी बात यह है कि मेरा परिवार वहां नहीं था, लेकिन मैं बता नहीं सकता कि यह कितना बड़ा नुकसान है। मुझे उम्मीद है कि इस इलाके के सभी लोग आगे आएंगे और उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़े होने में मदद करेंगे।"

--आईएएनएस

आरएसजी