पनामा में तीन दिन बाद फिर हिली धरती, 6.1 तीव्रता वाले भूकंप से लोगों में दहशत, आपातकाल घोषित
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य अमेरिकी देश पनामा में दो शक्तिशाली भूकंप के तीन दिन बाद मंगलवार तड़के एक बार फिर लोगों ने जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 दर्ज की गई। इसका केंद्र भी जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
पनामा में लगातार भूकंप के झटकों से दहशत बनी हुई है। मंगलवार तड़के भारतीय समयानुसार 4:50 बजे पनामा के लोगों ने एक और शक्तिशाली भूकंप का सामना किया। एक बार फिर भूकंप ने सड़कों, इमारतों को नुकसान पहुंचाया। सुबह-सुबह झटके महसूस होते ही लोग खुले स्थान की ओर भागे।
तीन दिन पहले ही शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के ही पनामा ने दो जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए थे। 7.7 और 6.6 तीव्रता वाले इन झटकों के बाद से ही पनामा में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, शुक्रवार की सुबह पनामा के दक्षिणी छोर के पास 7.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे राजधानी में 100 मील से अधिक दूर तक इमारतें हिल गईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके बाद दिन में कई झटके आए और फिर 6.6 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया।
दो शक्तिशाली भूकंप के बाद पनामा के लोगों में दहशत रही। भूकंप का असर पनामा की राजधानी पनामा सिटी तक महसूस किया गया। भूकंप से कई इमारतों को नुकसान हुआ। लोगों के घरों की दीवारों पर दरारें पड़ गईं। लोग डर के कारण घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। रात भर लोग खुले स्थानों पर खड़े रहे। दहशत के चलते लोगों में घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हुई। लोग सुबह तक घरों के बाहर ही रहे और हालात की जानकारी का इंतजार करते रहे।
पनामा सरकार ने शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों को तेज करने तथा प्रभावित समुदायों की मदद के लिए देश में आपातकाल घोषित कर दिया था।
पनामा के बुरे हालातों पर गौर करते हुए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता दिखाता है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी घायल और प्रभावित लोगों के साथ हैं, विशेष रूप से उन परिवारों के साथ जिन्होंने नुकसान और कठिनाइयों का सामना किया है।"
--आईएएनएस
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