पनामा में भूकंप के दो बड़े झटकों से दहशत का माहौल, भारत ने दिखाई एकजुटता
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के भूकंप के दो जबरदस्त झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 7.7 और 6.6 मापी गई। अचानक आए तेज झटकों से पूरे देश में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकल आए। इस बीच भारत ने पनामा के प्रति एकजुटता दिखाई है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी घायल और प्रभावित लोगों के साथ हैं, विशेष रूप से उन परिवारों के साथ जिन्होंने नुकसान और कठिनाइयों का सामना किया है।"
वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता दिखाता है।
मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार देर रात लोगों ने शक्तिशाली भूकंप का सामना किया। इसका केंद्र जमीन से दस किलोमीटर की गहराई पर था। झटके महसूस होने के बाद हर तरफ दहशत का माहौल बन गया। डर के चलते लोग घरों से निकल आए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 दर्ज की गई।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक स्थानीय समयानुसार शुक्रवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार शनिवार दोपहर 1 बजे ) तक, पनामा की राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा प्रणाली (एसआईएनएपीआरओसी) ने अपने दूसरे बुलेटिन में कहा कि 27 लोग घायल हुए हैं।
शनिवार सुबह भी लोगों ने एक और खतरनाक भूकंप के झटके महसूस किए। दूसरे झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से दस किलोमीटर की गहराई पर ही था। भूकंप के असर से देश के मध्य भाग में इमारतें ढह गईं और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, सीबीएस न्यूज ने रिपोर्ट किया कि शुक्रवार की सुबह पनामा के दक्षिणी छोर के पास 7.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे राजधानी में 100 मील से अधिक दूर तक इमारतें हिल गईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके बाद 6.6 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया।
दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद पनामा के लोगों में दहशत का माहौल है। भूकंप का असर पनामा की राजधानी पनामा सिटी तक महसूस किया गया। भूकंप से कई इमारतों को नुकसान हुआ है। लोगों के घरों की दीवारों पर दरारें पड़ गईं। लोग डर के कारण घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
रात भर लोग खुले स्थानों पर खड़े रहे। दहशत के चलते लोगों में घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हुई। लोग सुबह तक घरों के बाहर ही रहे और हालात की जानकारी का इंतजार करते रहे।
सीबीएस न्यूज ने रिपोर्ट के अनुसार, पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा, "कोई भी तैयार नहीं था और इस तरह की आपदा के लिए कोई कभी तैयार नहीं होता।"
राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि शुक्रवार शाम तक अधिकारियों को किसी के मारे जाने या घायल होने की कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आने वाले घंटों में स्थिति बदल सकती है।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, यूएस पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने पहले पनामा के तट पर सुनामी की लहरें आने की चेतावनी दी थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी।
--आईएएनएस
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