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पाकिस्तान: शहबाज के मंत्री बोले, 'केपी में इमरजेंसी लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही केंद्र सरकार'

इस्लामाबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के संसदीय कार्यमंत्री तारिक फजल चौधरी ने बुधवार को दावा किया कि केंद्र (फेडरल) सरकार "प्रांत में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति" को देखते हुए खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में इमरजेंसी लगाने पर "गंभीरता से विचार" कर रही है।
 

इस्लामाबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के संसदीय कार्यमंत्री तारिक फजल चौधरी ने बुधवार को दावा किया कि केंद्र (फेडरल) सरकार "प्रांत में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति" को देखते हुए खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में इमरजेंसी लगाने पर "गंभीरता से विचार" कर रही है।

पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट जियो न्यूज ने बताया कि संसद भवन में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 232 के तहत इमरजेंसी लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने इसके लिए केपी सरकार की आतंकवाद को रोकने में कथित विफलता का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, "सरकार केपी में इमरजेंसी लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है, क्योंकि प्रांत में आतंकवाद तेजी से बढ़ा है।"

यह बयान संघीय और केपी सरकारों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आया है, क्योंकि पीटीआई 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद की ओर अपने लॉन्ग मार्च की तैयारी कर रही है। पार्टी ने मार्च को 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया था।

पूर्व सत्ताधारी पार्टी इस्लामाबाद में एक बड़े विरोध प्रदर्शन और मार्च की तैयारी कर रही है। वे अपने जेल में बंद पार्टी संस्थापक और पूर्व पीएम इमरान खान की रिहाई और संवैधानिक सर्वोच्चता की "बहाली" की मांग कर रहे हैं।

शहबाज शरीफ सरकार का कहना है कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।

मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित इमरजेंसी पर इसलिए विचार किया जा रहा है क्योंकि केपी सरकार "आतंकवाद का मुकाबला करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल" रही है।

उन्होंने कहा, "केपी सरकार आतंकवाद को रोकने के संघीय सरकार के प्रयासों में बाधा बन गई थी।"

मंत्री ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के साथ राजनीतिक मतभेदों के कारण नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार एक बड़े मकसद के लिए कोई भी राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार है और इमरजेंसी लगाने से होने वाले किसी भी राजनीतिक परिणाम का सामना करने के लिए तैयार है।

चौधरी के अनुसार, प्रांत में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी जान गंवा रहे हैं।

बलूचिस्तान की स्थिति से तुलना करते हुए चौधरी ने कहा कि वहां भी आतंकवाद है, लेकिन वहां के मुख्यमंत्री इसे रोकने के लिए उपाय कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने हमेशा पूरी ताकत से आतंकवाद का मुकाबला किया है और अगर केपी में इमरजेंसी लगाई जाती है, तो वे सरकार का सहयोग करेंगे।

--आईएएनएस

केआर/