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पाकिस्तान: पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन सरकार से नाराज, दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

कराची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (पीपीडीए) ने हुकूमत को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका आरोप है कि सरकार उन वादों को पूरा नहीं कर पाई है जो पेट्रोलियम मंत्री ने उनसे किए थे। खासकर पेट्रोल की रिटेल सेल प्राइस (खुदरा बिक्री दर) पर आठ फीसदी मार्जिन बढ़ाने के वादे का जिक्र किया गया।
 

कराची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (पीपीडीए) ने हुकूमत को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका आरोप है कि सरकार उन वादों को पूरा नहीं कर पाई है जो पेट्रोलियम मंत्री ने उनसे किए थे। खासकर पेट्रोल की रिटेल सेल प्राइस (खुदरा बिक्री दर) पर आठ फीसदी मार्जिन बढ़ाने के वादे का जिक्र किया गया।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार 72 घंटे के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो देश भर के पेट्रोल पंप शनिवार (15 अगस्त) को सुबह 6 बजे से अनिश्चित काल के लिए बंद हो जाएंगे और तब तक नहीं खुलेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, पीपीडीए अध्यक्ष मलिक खुदा बख्श ने वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो पेट्रोलियम डीलर अपना बिजनेस जारी नहीं रख पाएंगे।

मलिक ने कहा कि देश भर के डीलरों की एक मीटिंग के बाद, पेट्रोल पर 8 परसेंट मार्जिन की मांग करने का फैसला किया गया था। डीलरों का सब्र जवाब दे गया था, और 14,000 से ज्यादा सदस्यों ने एसोसिएशन से अपील की थी कि वो सरकार पर दबाव बनाए । इसके बाद से ही 15 अगस्त से अनिश्चित समय के लिए देश भर में बंद की चेतावनी दी गई।

7 अगस्त को, पीपीडीए के चेयरमैन ने पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक को पेट्रोलियम डीलरों और एसोसिएशन सदस्यों की खुदरा दरों संबंधित शिकायतों से रूबरू कराया था।

उन्होंने कहा कि जब एसोसिएशन पहले देश भर में हड़ताल करने पर विचार कर रही थी, तो मंत्री ने पीपीडीए से प्रस्तावित कार्रवाई को टालने का अनुरोध किया था और आश्वासन दिया था कि दो हफ्ते के अंदर मुद्दों की समीक्षा कर उन्हें सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने संघीय मंत्री को बताया कि दैनिक मूल्य तंत्र प्रणाली ने पेट्रोलियम डीलरों के लिए गंभीर परिचालन और वित्तीय चुनौतियां पैदा कर दी हैं। जिसके परिणामस्वरूप स्टॉक का नुकसान हुआ है, वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) कम हुआ है और रिटेल सेक्टर (खुदरा क्षेत्र) पर वित्तीय दबाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति बढ़ती महंगाई, बिजली और गैस के खर्च, कर्मचारियों की सैलरी और दूसरे ऑपरेशनल खर्चों को कवर करने के लिए काफी नहीं है।

इससे पहले, पीपीडीए एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में “कंपनी एलोकेशन पॉलिसी” की भी कड़ी आलोचना की गई थी, इसे भेदभावपूर्ण और डीलरों के बिजनेस हितों की अनदेखी करार दिया था। एसोसिएशन ने मांग की कि पॉलिसी की तुरंत समीक्षा की जाए और इसे पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए।

--आईएएनएस

केआर/