पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अंधाधुंध गोलीबारी, चार की मौत
पेशावर, 13 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हिंसक घटनाओं पर विराम नहीं लग रहा है। सोमवार को पुलिस वाहन को आईईडी से उड़ाने की घटना के महज 24 घंटे के भीतर मंगलवार को बन्नू में अंधाधुंध गोलीबारी हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक मारे गए लोग जिरगा सदस्य थे।
पाकिस्तान के मीडिया हाउस जिओ न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित गुलबदीन लुंडई इलाके में एक जिरगा ( पश्तून समुदायों में एक पारंपरिक सभा या परिषद, जो विवादों का निपटारा करती है) से लौट रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। घटना के बाद, पुलिस ने शवों को जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों को पकड़ने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
यह घटना खैबर पख्तूनख्वा में धमाकों और गोलीबारी की नई लहर के बीच हुई है। एक दिन पहले, प्रांत के टैंक जिले में गोमल बाजार रोड पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) ब्लास्ट में पुलिस की बख्तरबंद वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। इस हमले में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे।
मारे गए पुलिसकर्मियों की पहचान गोमल बाजार पुलिस स्टेशन के एचएचओ इशाक अहमद खान, एडिशनल एसएचओ शेर असलम, ड्राइवर अब्दुल मजीद, और एलीट फोर्स के जवान अरशद अली, शौकत अली, हजरत अली और एहसानुल्लाह के रूप में हुई। मारे गए राहगीर की पहचान नहीं हो पाई थी।
जिरगा सदस्यों के खिलाफ हिंसा की ऐसी ही एक घटना में पिछले साल हुई थी। 21 नवंबर को बन्नू के होवेड इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सात लोगों को गोली मार दी थी।
यह घटना पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बढ़ती हिंसा की कड़ी है, जहां कई चरमपंथी समूह सक्रिय हैं।
पुलिसवालों पर यह नवीनतम हमला खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत और बन्नू जिलों में अनजान हमलावरों की फायरिंग की दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसवालों के मारे जाने के एक हफ्ते बाद हुआ है। लक्की मरवत में, सराय नौरंग शहर में अनजान मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने ट्रैफिक पुलिसवालों पर फायरिंग की थी, जिसमें तीन अधिकारी मारे गए थे।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने 6 जनवरी को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 2025 में देश भर में 75,175 आईबीओ (खुफिया आधारित अभियान) किए थे।
इसका ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि केपी में 14,658 आईबीओ, बलूचिस्तान में 58,778, जबकि देश के बाकी हिस्सों में 1,739 ऑपरेशन चलाए गए थे।
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा था कि पिछले साल देश भर में ऐसी 5,397 घटनाएं रिपोर्ट की गईं। इनमें से 3,811 घटनाएं केपी में, 1,557 बलूचिस्तान में, और देश के दूसरे हिस्सों में 29 घटनाएं रिपोर्ट की गईं।
उन्होंने इन सभी हमलों को आतंकवादियों की कारस्तानी बताते हुए दावा किया था कि इसके पीछे अफगान आतंकियों का हाथ रहा है।
--आईएएनएस
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